नवभारत निशानेबाज: चढ़ने वाला है फुटबॉल फीवर, दवा नहीं देगा कोई भी डॉक्टर
FIFA World Cup Football Fever: दुनियाभर में फीफा वर्ल्ड कप का महाकुंभ शुरू हो चुका है। 39 दिनों तक चलने वाले 48 देशों के इस खेल उत्सव ने खेलप्रेमियों की रातों की नींद और दिन का चैन उड़ा दिया है।
- Written By: आकाश मसने
फीफा वर्ल्ड कप (डिजाइन फोटो)
Navabharat Nishanebaaz: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हमने डॉक्टर से अपॉइंटमेंट ले लिया है। मरीजों की ज्यादा भीड़ बढ़ जाए, इसके पहले ही अपाइंटमेंट लेने में समझदारी है। आप भी ऐसा ही कीजिए।’ हमने कहा, ‘आप और हम दोनों ही स्वस्थ और भले-चंगे हैं, फिर डॉक्टर के पास जाने की कौन-सी जरूरत है? हम लोगों की दिनचर्या बिल्कुल सही है। भूख लगने पर खाते हैं और नींद लगने पर सो जाते हैं।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, अब दिनचर्या बुरी तरह बिगड़ने वाली है। हम दोनों को ही नहीं, लाखों भारतीयों को बहुत तेज फुटबॉल फीवर चढ़ने वाला है। दुनिया के 48 देशों का फीफा वर्ल्ड कप शुरू हो गया है, जो पूरे 39 दिन चलेगा।’
हमने कहा, ‘बुखार या फीवर का फीफा वर्ल्ड कप से क्या संबंध है? फीफा को फूफा देखें या मामा, कौन-सा फर्क पड़ने वाला है! जब क्रिकेट के डे एंड नाइट मैच देखने से आपको कुछ नहीं हुआ तो फुटबॉल देखने से क्या हो जाएगा!’
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पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, फुटबॉल का उन्माद सिर चढ़कर बोलता है। क्योंकि कुछ खिलाड़ी हेडर यानी सिर से गेंद को मारते हैं। आपने साइकिल चलाना छोड़ दिया लेकिन फुटबॉल में बड़ी कुशलता से साइकिल किक मारी जाती है। खिलाड़ी ऐसे-ऐसे मूव बनाते हैं, जिसे देखकर दिमाग चकरा जाता है। गोल मारने पर होने वाला दर्शकों का कर्णभेदी शोर आपके दिल की धड़कन बढ़ा सकता है। जब दिमाग पर फुटबॉल फीवर चढ़ जाता है, तो खेलप्रेमी बाप रे बाप की बजाय ‘एमबाप्पे’ चिल्लाने लगता है। राम नाम लेने की जगह रोनाल्डो का नाम जपने लगता है। गर्मी में मीठी लस्सी पीने की जगह मेस्सी-मेस्सी बोलने लगता है। अमेरिका के 16 शहरों में फीफा वर्ल्ड कप के मुकाबले होने वाले हैं। ट्रंप पहले ही सनकी हैं। फुटबॉल फीवर चढ़ा तो वह महासनकी हो जाएंगे।’
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हमने कहा, ‘डॉक्टर भी मरीज की लाल आंखें देखकर कहेगा तुम रात भर टीवी देखते हुए उल्लू की तरह जागते रहते हो। इसकी कोई दवा नहीं है। फीफा वर्ल्डकप समाप्त होते ही तुम फौरन अच्छे हो जाओगे। तब तक गोल होते देखो और ढोल बजाओ।’
