
वर्क-लाइफ बैलेंस पर अडानी (डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, “निशानेबाज, विख्यात उद्योगपति गौतम अडानी ने कामकाज और परिवार को दिए जाने वाले समय के संतुलन को लेकर मजेदार बात कही है। उन्होंने कहा कि 8 घंटा फैमिली के साथ बिताओगे तो बीवी भाग जाएगी।”
हमने कहा, “देश में कुछ नेता तो ऐसे भी हैं जो खुद ही बीवी को छोड़कर भाग गए। अपने घर की जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर उन्होंने राजनीति का लबादा ओढ़ देश की जिम्मेदारी संभाल ली। इसे वर्क-लाइफ बैलेंस नहीं कहा जा सकता। ऐसे लोगों के लिए वर्क या कामकाज ही सबकुछ है।”
पड़ोसी ने कहा, “निशानेबाज, कोई नेता पत्नी से दूर रहता है तो कोई अन्य नेता 50 साल की उम्र पार करने के बाद भी शादी नहीं करता। इसे कहते हैं- जोरू न जाता, अल्ला मियां से नाता !”
हमने कहा, “अल्ला का नाम मत लीजिए क्योंकि इससे बवाल मच जाता है। पटना में अटलबिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी के उपलक्ष में आयोजित भजन संध्या में जब लोकगायिका देवी ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन ‘ईश्वर अल्ला तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान’ गाना शुरू किया तो लोगों ने जोरदार हंगामा किया। सोशल मीडिया पर गायिका को धमकी दी गई कि सुधर जाओ वरना जहां गांधी पहुंचे तुम्हें भी वहीं पहुंचा देंगे। गायिका को सॉरी बोलने पर मजबूर होना पड़ा।”
पड़ोसी ने कहा, “निशानेबाज, पिछले कुछ समय से कामकाज के समय को लेकर चर्चा हो रही है। इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा कि देश की तरक्की के लिए सभी को हर सप्ताह 70 घंटे कामकाज चाहिए। अदाणी ने कहा कि हमारे लिए परिवार और काम को छोड़कर दुनिया में और कुछ भी नहीं है। हमारे बच्चों ने भी हमसे यही सीख ली है और कठोर परिश्रम करते हैं।”
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हमने कहा, “यह बात सही है कि किसी भी महिला को ऐसा पति पसंद नहीं आता जो निठल्ला हो और हमेशा घर में बैठा रहे। पुरुष की दुनिया बाहर की है जहां वह परिश्रम और प्रतिभा से धन व यश कमाए। बीवी आतुरता से उसके घर लौटने की प्रतीक्षा करे।” पड़ोसी ने कहा, “निशानेबाज, सेना के जवान और प्रवासी मजदूरों को अपने घर से महीनों दूर रहना पड़ता है। वैसे यह व्यक्तिगत सोच और सुविधा का विषय है कि कौन व्यक्ति वर्क और लाइफ में कैसे संतुलन बना कर चलता है।”
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा






