नवभारत निशानेबाज (डिजाइन फोटो)
Nishanebaz Political Satire: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, महाराष्ट्र के दिग्गज नेता कहलाने वाले शरद पवार के दांव-पेंच पुराने हो गए। एक समय था जब उनकी कूटनीतिक चाल लाजवाब मानी जाती थी। कोई अनुमान नहीं लगा पाता था कि उनका अगला कदम क्या होगा!। अपने राज्य से लेकर दिल्ली तक उनकी धाक थी।
आपको याद होगा कि बारामती के एक समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राजनीति में शरद पवार मेरे गुरु रहे हैं। वसंतदादा पाटिल की सरकार गिराकर पवार सिर्फ 38 वर्ष की उम्र में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। विदेशी मूल के मुद्दे पर सोनिया गांधी को चुनौती देकर अलग पार्टी बनाने का दमखम भी उन्होंने दिखाया था।’ हमने कहा, ‘इतिहास छोड़एि, वर्तमान को देखिए।
जंगल का शेर भी दांत गिर जाने और नाखून घिस जाने के बाद पहले के समान बलशाली नहीं रह जाता। आज राजनीति में कदम-कदम पर देवेंद्र फडणवीस सीनियर पवार को मात दे रहे हैं। उनके पैरों के नीचे से कालीन खींच लेते हैं और पवार देखते रह जाते हैं। इस समय राजनीति के असली चाणक्य देवाभाऊ हैं जिनकी रैपिड फायर वाली चाल हर वक्त कामयाब हो जाती है।
पहले तो ऑपरेशन लोटस के तहत बीजेपी ने अजीत पवार को उनके चाचा से अलग कर एनसीपी को विभाजित करवा दिया था। इसके भी पहले 48 घंटे की सरकार का प्रयोग देवेंद्र फडणवीस ने किया था। अभी शरद पवार की कुल जमापूंजी केवल 10 विधायकों की रह गई है।’
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पड़ोसी ने कहा, ‘सबसे बड़ा कूटनीतिक पराक्रम तो देवाभाऊ ने यह दिखाया कि एनसीपी के एकीकरण या विलय के गुब्बारे में अपने तरीके से पिन टोंच दी जिससे वह फूल ही नहीं पाया। अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद शरद पवार को संभलने का मौका न देते हुए तुरंत सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी। अब अजीत की विरासत संभालते हुए पार्टी प्रमुख भी सुनेत्राताई ही रहेंगी।’
‘शरद पवार की हालत खाली या चुके हुए कारतूस जैसी हो गई है। देवेंद्र अपनी चाल बड़ी तत्परता से चलते हैं। पहले शिवसेना और फिर एनसीपी को तोड़ना तथा बीजेपी को महाराष्ट्र की भारी जबरदस्त पार्टी बनाने का कमाल देवाभाऊ ने दिखाया है। ऐसे में शरद पवार कर भी क्या सकते हैं!’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा