

Sharad Pawar Parth Pawar Jay Pawar Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति के 'भीष्म पितामह' कहे जाने वाले शरद पवार और उनकी पत्नी प्रतिभा पवार ने बुधवार, 4 फरवरी 2026 को बारामती का एक महत्वपूर्ण दौरा किया। यह दौरा इसलिए खास था क्योंकि शरद पवार अपने दिवंगत भतीजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निवास 'सहयोग सोसाइटी' पहुंचे। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। हाल ही में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।
इस दौरे की सबसे अहम कड़ी वह गुप्त बैठक रही, जो शरद पवार और अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय पवार के बीच हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक बारामती स्थित 'विद्या प्रतिष्ठान' के परिसर में आयोजित की गई थी, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चली। यद्यपि इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि चर्चा का मुख्य केंद्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों का संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनाव हो सकते हैं। इस बैठक के बाद शरद पवार ने अजित पवार को श्रद्धांजलि दी।
अजित पवार के निधन के बाद उनकी विरासत को संभालने के लिए सुनेत्रा पवार आगे आई हैं। शरद पवार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार इस दुख की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़ा है। पवार ने कहा कि अजित पवार की जगह सुनेत्रा पवार का आना और जिम्मेदारी संभालना संतोषजनक है। यह पढ़ें:- शर्मिला गायकवाड़ बनीं ठाणे की 23वीं मेयर पर नहीं लिया ऑफिस का चार्ज, कहा- ‘भाई’ के आने पर ही कुर्सी पर बैठूंगी
एनसीपी के दो गुटों के विलय को लेकर शरद पवार ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच पहले चर्चा हुई थी। हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि फडणवीस को इस विलय के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। पवार के अनुसार, यह पार्टी का आंतरिक मामला है और बाहरी नेताओं का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
पवार ने भावुक होते हुए यह भी कहा कि फिलहाल परिवार और पार्टी का पूरा ध्यान उन लोगों की देखभाल करने और उन्हें संबल देने पर है जो इस क्षति से दुखी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "फिलहाल किसी भी राजनीतिक फैसले पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।" उनका मुख्य उद्देश्य अभी परिवार की एकजुटता बनाए रखना है।