चंद्रपुर न्यूज
Ballarpur Gram Panchayat Election: बल्लारपुर तहसील में स्थानीय स्वशासन व्यवस्था पर प्रशासकीय नियंत्रण बढ़ गया है। पिछले चार वर्षों से जिला परिषद और पंचायत समिति का कामकाज प्रशासकों के माध्यम से चल रहा था, और अब ग्राम पंचायतें भी इसी दायरे में आ गई हैं।
बल्लारपुर तालुका की कुल 17 ग्राम पंचायतों में से 12 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका प्रशासनिक कार्यभार प्रशासकों को सौंप दिया गया है। इससे 12 सरपंचों सहित कुल 106 निर्वाचित सदस्यों को पद से हटना पड़ा है। तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत विसापुर का कार्यकाल 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया। यहां पंचायत समिति के विस्तार अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा नांदगांव (पोडे), मानोरा, कलमना, हडस्ती, पलसगांव, कोर्टीमक्ता, गिलबीली, आमडी और किन्ही ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 4 फरवरी 2026 को समाप्त हुआ। वहीं लावारी और दहेली ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 6 अगस्त 2024 को ही समाप्त हो चुका था। इन सभी पंचायतों का संचालन अब प्रशासकों द्वारा किया जाएगा।
सदस्य संख्या के अनुसार लावारी, दहेली, आमडी, किन्ही, हडस्ती और कोर्टीमक्ता में 7-7 सदस्य (कुल 42), मानोरा, कलमना, गिलबीली और पलसगांव में 9-9 सदस्य (कुल 36), नांदगांव (पोडे) में 11 और विसापुर में 17 सदस्य थे। इस प्रकार सरपंचों सहित कुल 106 जनप्रतिनिधियों का कार्यभार अब प्रशासकीय अधिकारियों के पास चला गया है।
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ग्रामीण विकास के लिए जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत की त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई गई थी। किंतु जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव लंबे समय से लंबित होने के कारण वहां पहले से ही प्रशासक कार्यरत हैं। अब ग्राम पंचायतों में भी यही स्थिति बनने से ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासनिक व्यवस्था पर आ गई है। जानकारों का मानना है कि ग्राम पंचायतों के आम चुनाव भी कम से कम एक वर्ष तक टल सकते हैं।