Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

संपादकीय: जीवनस्तर सुधारने में AI का इस्तेमाल हो

Artificial Intelligence:  AI से डरने की जरूरत नहीं है। इसका उपयोग भारत में सरकारी सेवाओं, कृषि, वित्त, लॉजिस्टिक्स व न्यायपालिका को बेहतर बनाकर वास्तविक आर्थिक मूल्य बनाने में होना चाहिए।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Jan 30, 2026 | 07:24 AM

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डिजिटल डेस्क: ऐसे समय जब दावे किए जा रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नौकरियों को समाप्त कर देगी और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी फैल जाएगी, तभी इन्फोसिस और एक्सस्टेप के सहयोगी संस्थापक नंदन निलेकणी का यह सुझाव महत्वपूर्ण है कि भारत को एआई का इस्तेमाल जनता का जीवनस्तर सुधारने और वास्तविक आर्थिक मूल्य के सृजन के लिए करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश को दृढ़तापूर्वक एआई की दौड़ में आगे ले जाना होगा। इसका इस्तेमाल जीतने व रचनात्मक उपलब्धि हासिल करने की दिशा में करना होगा। निलेकणी की राय है कि एआई का उपयोग सरकारी सेवाओं, कृषि, वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, न्यायपालिका तथा उद्यम संचालन में किया जा सकता है।

एआई को सुपर इंटेलिजेंस मानकर भयभीत या आशंकित होने की आवश्यकता नहीं है। पश्चिमी देशों में कहा जा रहा है कि एआई लोगों को निठल्ला बना देगी। लोग समुद्री तट पर जाकर आराम फरमाएंगे, डिजिटल वालेट का इस्तेमाल करेंगे और वीडियो गेम खेलते बैठेंगे, यह सब काल्पनिक दावे है।

सम्बंधित ख़बरें

18 मार्च का इतिहास: विश्व पुस्तक मेले से लेकर शशि कपूर तक, जानें क्यों खास है यह दिन

नवभारत संपादकीय: तमिलनाडु-बंगाल BJP के लिए चुनौती

नवभारत विशेष: UV किरणों से आई कीट-पतंगों की शामत

नवभारत निशानेबाज: ट्रंप का कैबिनेट पर उपकार, देने लगे जूतों का उपहार

समझदारी व समुचित नियंत्रण के साथ एआई का इस्तेमाल वरदान साबित हो सकता है। एआई की दौड़ उत्थान की ओर है, तो पतन की ओर भी ले जा सकती है। उसका गलत इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है तथा पारिवारिक व सामाजिक मूल्यों को ध्वस्त कर सकता है। विवेकहीन व्यक्ति अश्लील कंटेंट या पोर्नोग्राफी में रुझान दिखा सकते हैं या आलसी बन सकते हैं।

हमें ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी, जो एआई के माध्यम से लोगों का जीवनस्तर ऊंचा उठाए और उन्हें वंचित या लाचार होने से बचाए। भारत में आधार कार्ड को कामयाबी दिलाने वाले निलेकणी ने कहा कि इससे देश के 1 अरब लोग लाभान्वित हो रहे हैं। यूपीआई से शून्य लागत में 20 अरब से अधिक लेन-देन होते हैं। एक सब्जी विक्रेता ट्रांजेक्शन फीस दिए बिना अपनी उपज बेचकर उसके दाम हासिल कर सकता है।

यह भी पढ़ें:-नवभारत विशेष: अब क्या होगा राष्ट्रवादी कांग्रेस का भविष्य ?

लोग अल्गोरिदम का इस्तेमाल कर तीर्थयात्रा का ठिकाना तय करने लगे हैं। हमारे लिए उपयुक्त होगा कि अपनी जरूरतों व प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर चिप्स तैयार करें। आवाज पर आधारित एआई भारत में सबसे व्यावहारिक इंटरफेस है। यह डिजिटल इक्विटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जैसे यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट को आसान कर दिया है, उसी प्रकार आवाज से संचालित होने वाले इंटरफेस कृषि, शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं तथा हर नागरिक के लिए अवसरों में आने वाली बाधाएं मिटा सकते हैं। इसके लिए बहुत शिक्षित होना जरूरी नहीं है। भारत में प्रतिभा है तथा आधारभूत ढांचा तैयार कर कुछ वर्षों में एआई से जुड़े अवसरों का लाभ अनेक क्षेत्रों में उठाया जा सकता है।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Nandan nilekani ai india economic growth jobs

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 30, 2026 | 07:24 AM

Topics:  

  • Artificial Intelligence
  • Latest Hindi News
  • Navbharat Editorial

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.