Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

वायनाड में पहाड़ से आया मौत का सैलाब, भूस्खलन ने छीनी 175 जिंदगियां

केरल के वायनाड में आए भूस्खलन में 175 से अधिक लोगों की मौत हो गई, 131 से ज्यादा घायल हो गए और 400 से अधिक लोग लापता हैं। एक बयान में कहा गया कि तीसरे दिन भी बचाव अभियान जारी है और सेना, नौसेना तथा तट रक्षकों के दल अट्टामाला, मुंडक्कई और चूरलमाला में सघन तलाश अभियान चला रहे हैं।

  • Written By: किर्तेश ढोबले
Updated On: Aug 01, 2024 | 10:01 AM

(डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डेस्क: प्रकृति के विनाशकारी तेवर के सामने इंसान बेबस होकर रह जाता है। मौत कहां से कब टपक पड़ेगी इसका कोई ठिकाना नहीं है। केरल के वायनाड में यही हुआ। लोगों को पता नहीं था कि सोमवार की रात उनके लिए कालरात्रि साबित होगी। चोरल पहाड़ पर रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच 3 बार भूस्खलन हुआ। मिट्टी पत्थर, चट्टानें बहाता हुआ सैलाब आया जिससे 4 घंटे में 4 गांव जमींदोज हो गए। चोलिवार नदी की धारा 2 हिस्सों में विभाजित होकर सब कुछ डुबोने लगी।

पहाड़ के नीचे बसे चाय बागान मजदूरों के चारों गांव चूरलमाला, अट्टामाला, नूलपुझा और मुंडक्कई बड़ी बड़ी चट्टानों और मिट्टी के मलबे में दफन हो गए। कुछ ही मिनटों में हजारों घर मलबे के ढेर में बदल गए। मौत सामने थी और बचने का कोई रास्ता नहीं था। लोगों के लिए मानों प्रलय की घड़ी आ गई थी। दूकानें घर टूटकर ध्वस्त हो रहे थे। नदी में कारें बह रही थीं। लोग संभल पाते इसके पहले ही दूसरा भूस्खलन हो गया। पत्थर बरसने लगे और भीषण चीख पुकार मच गई। छत पर चढ़कर भी लोग अपनी जान नहीं बचा पाए।

जमीन खिसकने के सर्वाधिक मामले

केरल के वायनाड समेत 5 जिलों में सर्वाधिक भूस्खलन होता है। अरब सागर के गर्म होने से काफी घने बादल बनते हैं जिससे कम समय में बहुत अधिक बारिश होती है। देश के 80 से 85 प्रतिशत भूस्खलन केरल में ही होते हैं। वायनाड पहाड़ी जिला है और पश्चिमी घाट का हिस्सा है। यहां 2100 मीटर तक ऊंचे पहाड़ हैं। भारी बारिश से पहाड़ों की मिट्टी गीली और ढीली हो जाती है और सैलाब मिट्टी व चट्टानों को बहाता हुआ तेजी से नीचे आता है। 2018 के मानसून में भी अत्यधिक बारिश से केरल में 400 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। भूगर्भ विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक 2015 से 2022 तक के भूस्खलनों में से 59।2 केरल में हुए, यह क्षेत्र जमीन खिसकने को लेकर बेहद संवेदनशील है।

सम्बंधित ख़बरें

भिवंडी में बड़ा उलटफेर: सपा, कांग्रेस और NCP ने बनाया ‘सेक्युलर फ्रंट’, बहुमत के साथ मेयर पद पर ठोका दावा

60,000 में कौन सा फ्लैगशिप सही सौदा? Motorola Signature Vs OnePlus 15 की पूरी सच्चाई

जिंदा जमीन में समाए लोग! इंडोनेशिया के जावा में बारिश के बीच भूस्खलन से तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Australian Open 2026: नोवाक जोकोविच ने रचा इतिहास, ग्रैंड स्लैम में 400वीं जीत दर्ज करने वाले पहले खिलाड़ी बने

यह भी पढे़ं:- बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण ऐसे भी होता, अफसर के कंधे पर चढ़ गया नेता

हादसे में 175 से अधिक लोगों की मौत

इस भयानक हादसे में 175 से अधिक लोगों की मौत हो गई, 131 से ज्यादा घायल हो गए और 400 से अधिक लोग लापता हैं। मलबे में शवों के टुकड़े मिल रहे है। अनेक लोगों के शव बहकर जलाशय में जा पहुंचे। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यह राज्य में आई सबसे खराब प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। 3800 लोगों को 45 राहत कैंपों में ले जाया गया है। थलसेना के 225 जवान, वायुसेना के 2 हेलीकाप्टर और नेवी के तैराक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और डॉग स्क्वाड की टीमें लोगों को बचाने और मलबे से निकालने में लगे हैं।

यह भी पढे़ं:- कोचिंग सेंटर हादसे का जिम्मेदार कौन? राजनीति नहीं, उपाय योजना हो

ढलानों पर बने घरों की तबाही

2018-19 में जो लैंडस्लाइड हुए उनमें से 41 प्रतिशत ढलानों पर बने घरों के आसपास हुए। इसके अलावा सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए पहाड़ी ढलानों को काटा जा रहा है जिससे मिट्टी नीचे की ओर खिसक रही है। ये लैटराइट मिट्टी है जो बेहद कमजोर और कटनेवाली होती है। जियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अध्ययन के मुताबिक आधे केरल में बारिश के दौरान लैंड स्लाइड का खतरा बना रहता है। वायनाड़ कोझिकोड़, मल्लापुरम, इडुकी, कोट्टायम और पत्थन्मथिट्टा जिले ढलानी इलाकों में हैं। 2019 में इन 8 जिलों में भूस्खलन की 80 घटनाएं हुई थीं और 3 दिन में 120 लोग मारे गए थे। इन इलाकों में सड़क व आवास निर्माण खतरे से खाली नहीं है। वायनाड का 360 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र भूस्खलन के मामले में अतिसंवेदनशील है। लेख चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

More than 175 people died in the wayanad landslide

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Aug 01, 2024 | 10:01 AM

Topics:  

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.