- Hindi News »
- Special Coverage »
- How Far Has The Swachh Bharat Abhiyan Progressed After 11 Years Of Its Launch
विशेष: दिखावे से मुक्त रहे नया स्वच्छता अभियान, 11 वर्षों में कितना बदला है सफाई का नजरिया
Clean India Movment: सरकार ने इस उत्सव के जरिए पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की तमाम पहल और उपलब्धियों का खाका खींचा है।
- Written By: दीपिका पाल

स्वच्छता अभियान ( सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन यानी 2 अक्टूबर 2025 तक भारत सरकार एक नया स्वच्छता पखवाड़ा ‘स्वच्छोत्सव’ मना रही है।सरकार ने इस उत्सव के जरिए पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान की तमाम पहल और उपलब्धियों का खाका खींचा है, तो दूसरी तरफ अगले 5 वर्षों के लिए स्वच्छता अभियान का एक नया रोडमैप जारी किया है।इस अभियान में सबसे ज्यादा जोर ग्रामीण इलाकों के करीब 40 फीसदी शौचालयविहीन घरों में सरकारी सब्सिडी से शौचालय निर्माण पर जोर दिया गया था।
सरकार के बजट आवंटन में में बढ़ोतरी तथा देश के वीआईपी वर्ग द्वारा खुद हाथ में झाडू लेकर सफाई करने की पोस्चरिंग की एक तरह से होड़ लग गई थी।2014 से 2019 के बीच ग्रामीण शौचालयों के निर्माण की बात करें तो भ्रष्टाचार और निर्माण क्वालिटी की कमी के बावजूद 11 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया।पिछले 6 वर्षों में कितने नए शौचालय बने और वास्तव में कितने गांव हकीकत में ओडीएफ मुक्त बने, इसे लेकर कोई नया सरकारी सर्वेक्षण नहीं है।ओडीएफ प्लस राज्यों में असम, त्रिपुरा, कर्नाटक, सिक्किम तथा केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप, पुड्डुचेरी तथा अंडमान के 96 प्रतिशत गांव शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बुद्ध और गांधी का देश अलग-थलग, आतंकी पाकिस्तान बना शांति दूत; संजय सिंह का PM मोदी पर बड़ा हमला- VIDEO
बिहार में नई सरकार की कवायद तेज! इस्तीफे से पहले CM नीतीश का दिल्ली दौरा; मोदी-शाह के साथ अहम मुलाकात
असम को बेच दिया! राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, अमेरिका-भारत डील को बताया देश के साथ धोखा
PM Modi के फर्जी साइन से 4 लाख की उगाही का प्रयास, मुंबई में 2 गिरफ्तार
हकीकत ये है कि ग्रामीण इलाकों में कई जगह अभी भी महिलाएं खुले में शौच करने जा रही हैं।जिनके पास अपनी जमीन पर घर निर्मित हैं वे सरकार की सब्सिडी लेकर शौचालय का निर्माण कर लेते हैं।मगर गांवों में जिनके घर सड़क किनारे बने हैं, जिनके पास अपने आवास का पट्टा नहीं है, वे शौचालय नहीं बना पाए।अभियान के तहत घरेलू शौचालय निर्माण को तवज्जो दी गई।मगर पंचायत, नगरपालिका और कस्बों में पब्लिक टॉयलेट के अधिकाधिक निर्माण और उनके रखरखाव को उतनी प्राथमिकता नहीं मिली।
देश में थर्ड पार्टी के जरिए पब्लिक टॉयलेट की सफाई या निजी स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा इनका मेंटेनेंस एक न्यूनतम निर्धारित शुल्क आधारित किया जाए और इस पर कोई राष्ट्रीय नीति बनाई जाए तो स्वच्छता को लेकर एक बेहतर ढांचा बनाया जा सकता है।देश के करीब 5 हजार नगरपालिका शहरों, करीब 750 जिलों तथा करीब 50 बड़े नगर व महानगरों में पब्लिक टॉयलेट की दशा सुधारने की महती चुनौती है, जिसे लेकर बेहतर जनचेतना, ज्यादा बजट आवंटन, नीतिगत स्पष्टता तथा सार्वजनिक अनुशासन की अभी भी देश में पुरजोर आवश्यकता है।स्वच्छता अभियान का एक दूसरा बिंदु है घरेलू और सार्वजनिक सफाई के कचरे का पहले संग्रहण, फिर इसकी डम्पिंग और फिर इसका प्रसंस्करण।इन मामले में देखा जाए तो नए स्वच्छता अभियान के तहत पिछले 10 वर्षों में कचरा ढोने वाली मिनी गाड़यिां स्वच्छता गीत के साथ खूब दिखाई पड़ती हैं.
कचरा निपटान की भारी चुनौती
देश के बड़े-बड़े महानगर बल्कि राजधानी दिल्ली में भी रोज के लाखों टन कचरे को कैसे ठिकाने लगाएं, सरकारें अभी तय नहीं कर पा रही हैं।राजधानी दिल्ली में कूड़े के तीन बड़े पहाड़ निर्मित हो चुके हैं।ठोस कचरा और गीला कचरे के प्रसंस्करण को लेकर देश में व्यापक पैमाने पर शोध व विकास यानी आर एंड डी की जरुरत है।यह कार्य जब तक बड़े व प्रभावी पैमाने पर हम नहीं कर पाते, तब तक ‘वेस्ट टु वेल्थ’ महज एक नारा बनकर रहेगा।हम प्लास्टिक कचरे से सड़क बनाने तथा ठोस कचरे से बिजली बनाने और गांवों में पेड़ों के पत्ते तथा अन्य चीजों से कम्पोस्ट बनाने की बातें तो अक्सर सुनते हैं, पर इनके अमलीजामा पहनाने में अभी मीलों लंबा सफर बाकी है।गीले कचरे से हमारी नदियां प्रदूषित हो रही हैं।
ये भी पढ़ें– नवभारत विशेष के लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें
जनचेतना की आवश्यकता
इस मामले में केंद्र सरकार जमुना की सफाई योजना को लेकर अपना संकल्प जरूर प्रदर्शित कर रही है पर इसे हकीकत में परिवर्तित होना बाकी है।हर बार वही कुछ चंद शहर इंदौर, चंडीगढ़, विशाखापट्टनम और सूरत ही बार-बार रैंकिंग में आते हैं।राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान का तीसरा महत्वपूर्ण बिंदु है सफाई कर्मियों को प्रोत्साहन और कल्याण।देश में निजी और सरकारी दोनों में कार्यरत सफाई कर्मियों के वेतन और कार्य परिस्थितियों में समरूपता नहीं है।आधुनिक सफाई यंत्रों के अभाव में दुर्घटना की खबरें अभी भी दिल को झकझोर देती हैं।
लेख- मनोहर मनोज के द्वारा
How far has the swachh bharat abhiyan progressed after 11 years of its launch
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
केदारनाथ यात्रा 2026: भारी बर्फबारी भी नहीं रोक पाई भक्तों का रास्ता! तैयारियां तेज गति से जारी
Apr 08, 2026 | 10:15 PMबुद्ध और गांधी का देश अलग-थलग, आतंकी पाकिस्तान बना शांति दूत; संजय सिंह का PM मोदी पर बड़ा हमला- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:59 PMहवाई सीमा में घुसा विदेशी विमान तो टूटेगा सीजफायर, IRAN ने US-इजरायल को दिया आखिरी अल्टीमेटम
Apr 08, 2026 | 09:57 PMसफाई के नाम पर खेल! गांधीधाम स्टेशन पर डस्टबिन का कचरा ट्रैक पर फेंका, वायरल वीडियो देख रेलवे ने मांगी माफी
Apr 08, 2026 | 09:51 PMसिर्फ इतिहास नहीं, आज भी जिंदा हैं यह किले…यात्रियों को देते हैं टाइम ट्रेवल का अनुभव
Apr 08, 2026 | 09:51 PMवाराणसी में बवाल! काशी की गलियों में बलात्कारी आसाराम का प्रचार, वायरल वीडियो देख लोगों में फूटा गुस्सा- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:43 PMDC vs GT: दिल्ली में चला शुभमन गिल और बटलर का बल्ला, गुजरात ने खड़ा किया 210 रनों का स्कोर
Apr 08, 2026 | 09:40 PMवीडियो गैलरी

क्या उत्तर बंगाल बनेगा भाजपा की सत्ता का द्वार…या ममता का ‘बंगाली अस्मिता’ कार्ड फेरेगा पानी- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:37 PM
वंदे भारत में इंसानियत शर्मशार! खाने की शिकायत पर दिव्यांग बुजुर्ग को कैंटीन स्टाफ ने पीटा, VIDEO वायरल
Apr 07, 2026 | 09:58 PM
सतना के स्कूल में अतीक गैंग के नाम से धमकी, ₹1 लाख दो वरना बम से उड़ा देंगे; पोस्टर देख सहमे लोग- VIDEO
Apr 07, 2026 | 09:47 PM
अमेठी CHC की शर्मनाक तस्वीर, व्हीलचेयर न मिलने पर खुद को घसीटते हुए अस्पताल के अंदर गया मरीज; वीडियो वायरल
Apr 07, 2026 | 09:40 PM
सावधान! अकोला बस स्टैंड पर बिक रहा है ‘जहर’? नाले के पानी से नाश्ता बनाने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
Apr 07, 2026 | 09:33 PM
असम को बेच दिया! राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, अमेरिका-भारत डील को बताया देश के साथ धोखा
Apr 07, 2026 | 02:17 PM












