
रसोईघर टिप्स(सौ.सोशल मीडिया)
Kitchen Vastu Niyam: किसी भी घर में रसोईघर को सिर्फ खाना पकाने की जगह नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा और समृद्धि से जोड़ कर देखा जाता है। खासकर फ्लैट में रहने वालों के लिए किचन की सही दिशा का चुनाव बहुत जरूरी होता है। वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे फ्लैट में किचन की दिशा के बारे में। यहां आचार्य इंदु प्रकाश बता रहे हैं कि फ्लैट में किस दिशा में बनी रसोई शुभ मानी जाती है और किन दिशाओं में बनी किचन से जीवन में समस्याएं बढ़ सकती हैं।
आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, रसोई के लिए सबसे उत्तम दिशा दक्षिण-पूर्व है, जिसे आग्नेय कोण कहा जाता है। इस दिशा का स्वामी अग्नि देव हैं और शुक्र ग्रह का यहां आधिपत्य होता है।
यदि रसोई यहां स्थित है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर के लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और धन की आवक बनी रहती है। आग्नेय कोण की अग्नि भोजन को सात्विक और पौष्टिक बनाने में मदद करती है।
आगे बताते है कि, ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व में रसोई का होना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। यह दिशा देवताओं और जल तत्व की मानी जाती है। यहां आग जलाना मानसिक शांति को पूरी तरह भंग कर देता है।
इसके प्रभाव से परिवार में भारी आर्थिक नुकसान होता है और घर के मुखिया को मानसिक तनाव या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए इस दिशा को रसोई घर के लिए शुभ नहीं माना जाता है।
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कहते है, उत्तर दिशा में बनाए गए भोजन को ग्रहण करने से मन में भय बैठ जाते हैं, पुत्र पिता की अवज्ञा करता है और रिश्तों में खटास आ जाती है।
अगर आप पहले से फ्लैट रह रहे हैं और आपका किचन इन दिशाओं में है, तो उसके लिए अलग से विशेष उपाय करने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्लैट में किचन की सही दिशा से जुड़े इन टिप्स को अपनाकर आप परिवार की सेहत, रिश्ते में मिठास और सुख-शांति में बढ़ोतरी कर सकते हैं।






