- Hindi News »
- Religion »
- When Will Vat Savitri Fast Be Observed In The Year 2025
वट सावित्री पूजा की आ गई सही तिथि, जानिए पूजा विधि और इस व्रत की अपार महिमा
आपको बता दें, वट सावित्री का व्रत सबसे पहले राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के लिए की थी। तभी से वट सावित्री व्रत महिलाएं अपने पति के मंगल कामना के लिए रखती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी

वट सावित्री व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
Vat Savitri Vrat 2025: अखंड सौभाग्य का प्रतीक वट सावित्री का व्रत हिंदू सुहागिन महिलाओं का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। इस बार यह व्रत 26 मई,सोमवार को रखा जाएगा। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए रखती हैं।
हिन्दू शास्त्रों के अनुसार,वट सावित्री व्रत को देशभर में अलग-अलग नामों जाना जाता है जैसे कि बड़मावस, बरगदाही, वट अमावस्या आदि।
आपको बता दें, वट सावित्री का व्रत सबसे पहले राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के लिए की थी। तभी से वट सावित्री व्रत महिलाएं अपने पति के मंगल कामना के लिए रखती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बरसाने पहली बार खेलने जा रहे हैं होली, भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां; वरना पड़ सकता है भारी!
क्या आप भी सिरदर्द और थकान को समझते हैं मामूली? युवाओं में बढ़ते हाई बीपी के ये हैं शुरुआती संकेत
Skin Care: झाइयों कम कर देगा एलोवेरा का ये सीक्रेट नुस्खा, बस मिलानी होगी ये एक चीज!
ये चार पौधे बदल देंगे आपकी किस्मत! घर की इस दिशा में लगाएं
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को पूरे विधि-विधान से करने से अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इस साल 2025 में वट सावित्री का व्रत कब रखा जाएगा और इस व्रत का क्या महत्व है-
कब है वट सावित्री व्रत
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में वट सावित्री का व्रत सोमवार 26 मई को रखा जाएगा।
ऐसे करें वट सावित्री की पूजा
इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सास ससुर का आशीर्वाद लेकर व्रत का संकल्प लें।
इस दिन महिलाओं को लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। साथ ही इस दिन सोलह श्रृंगार करने का भी विशेष महत्व होता है।
इसके बाद सात्विक भोजन तैयार करें।
इसे बाद वट वृक्ष के पास जाकर पंच देवता और भगवान विष्णु का आह्वान करें।
तीन कुश और तिल लेकर ब्रह्मा जी और देवी सावित्री का आह्वान करते हुए ‘ओम नमो ब्रह्मणा सह सावित्री इहागच्छ इह तिष्ठ सुप्रतिष्ठितः भव’। मंत्र का जप करें।
इसके बाद जल अक्षत, सिंदूर, तिल, फूल, माला, पान आदि सामग्री अर्पित करें।
फिर एक आम लें और उसके ऊपर से वट वृक्ष पर जल अर्पित करें। इस आम को अपने पति को प्रसाद के रूप में दें।
साथ ही कच्चे सूत के धागे को लेकर उसे 7 या 21 बार वट वृक्ष पर लपेटते हुए परिक्रमा करें। हालांकि, 108 परिक्रमा यदि आप करते हैं तो वह सर्वोत्तम माना जाता है।
व्रत का पारण काले चने खाकर करना चाहिए।
जानिए क्या है वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, निष्ठा और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से इस व्रत का पालन करती हैं। इस दिन वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की पूजा का विशेष महत्व है।
शास्त्रों के अनुसार, वट वृक्ष को त्रिदेवों का वासस्थल माना गया है- तने में भगवान विष्णु, जड़ों में ब्रह्मा जी और शाखाओं में भगवान शिव का निवास होता है। यही नहीं, इस वृक्ष की लटकती हुई शाखाओं को देवी सावित्री का रूप माना गया है।
धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें…
मान्यता है कि सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान का जीवन इसी वट वृक्ष के नीचे तप करके वापस पाया था। तभी से यह वृक्ष अखंड सौभाग्य और संतान प्राप्ति का प्रतीक बन गया। जो महिलाएं पूरे विधि-विधान से व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं, उन्हें सुख-समृद्धि, संतति
-सुख और पति का अखंड साथ प्राप्त होता है।
When will vat savitri fast be observed in the year 2025
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
‘मुझे 18 महीने घर में कैद रखा’… बांग्लादेशी राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने मुहम्मद यूनुस पर लगाए गंभीर आरोप
Feb 25, 2026 | 07:47 AMमहाराष्ट्र में ड्रग्स माफिया पर कड़ा वार, सीएम फडणवीस बोले- कूरियर कंपनियों पर भी लगेगा मकोका
Feb 25, 2026 | 07:39 AMबरसाने पहली बार खेलने जा रहे हैं होली, भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां; वरना पड़ सकता है भारी!
Feb 25, 2026 | 07:36 AMPM मोदी के इजरायल दौरे से पहले नेतन्याहू का बड़ा दांव, लॉन्च किया ‘Hexagon Alliance’
Feb 25, 2026 | 07:34 AMनवभारत संपादकीय: नक्सली उन्मूलन के बाद विकास भी हो
Feb 25, 2026 | 07:29 AMPM मोदी का इजरायल दौरा आज से शुरू, आयरन डोम सिस्टम से लेकर मेल ड्रोन तक, कई बड़े समझौतों पर बन सकती है बात
Feb 25, 2026 | 07:18 AMनवभारत विशेष: सेना के लिए जरूरी इंटीग्रेटेड रॉकेट फोर्स
Feb 25, 2026 | 07:16 AMवीडियो गैलरी

झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM













