

Nagpur Road Digging Builder Project: नागपुर सीएम की सिटी और गडकरी के गढ़ में विकास कार्य के नाम पर मनमानी दादागिरी चल रही है। जिधर देखो उधर सीमेंट की पक्की सड़कों को भी खोद डाला जा रहा है। जनता से टैक्स के रूप में वसूले गए करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण हो रहा है और फिर 2-4 महीनों में कभी पाइपलाइन तो कभी नल और कभी बिजली का केबल डालने के नाम पर पक्की सड़कों की ऐसी-तैसी की जा रही है।
जनता तो डर के कारण कुछ नहीं बोलती लेकिन दुर्भाग्य यह है कि गली से लेकर दिल्ली तक एकतरफा सत्ता में कब्जा करने वाले जनप्रतिनिधियों की भी बोलती बंद है। ताजा हाल दक्षिण नागपुर के रमणा मारुति रोड का है। इस परिसर में ज्योति स्कूल के सामने वाले सीमेंट रोड को एक बड़े बिल्डर की स्कीम के लिए गटरलाइन डालने के लिए खोद दिया गया है। महीने भर से यह काम पूरा नहीं किया गया जिसके चलते परिसर के दुकानदार, रहवासी, विद्यार्थी सभी परेशान हैं।
दुकानें बंद, रास्ता ही नहीं हालत यह है कि करीब 2 हफ्ते से के कुछ दुकानदार अपनी दुकानें तक नहीं खोल पा रहे हैं। कुछ नागरिकों को वाहन लाने-ले जाने में दिक्कत हो रही है क्योंकि गलियों के सामने मलबे का ढेर लगा दिया गया है। इस सीमेंट रोड को बीच में से खोद डाला गया है। दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है।
गड्ढे व मलबे को पार कर कोई ग्राहक ही दुकान में नहीं आता। मजबूरी में उन्हें अपनी दुकानें ही बंद रखनी पड़ रही हैं। नागरिकों को घर में रोज जम रही धूल से परेशानी हो रही है, बच्चों और मरीज तो त्रस्त हो गए हैं। इस क्षेत्र के विधायक, नगरसेवकों को लोगों की परेशानी से कोई लेना-देना ही नहीं है। बीते 2 सप्ताह से एक साइड का रोड बंद कर दिया गया है। आवागमन एक ही साइड से होने के चलते दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
काम कर रहे ठेकेदार के जेसीबी से 2 बार पेकजल की पाइपलाइन तक छूट चुकी है। 2-3 दिन पहले ही एक बार फिर पाइपलाइन फोड डाली गई जिससे हजारों लीटर पीने का पानी बर्बाद हुआ, इसके जिम्मेदारों पर मनपा प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है यह आश्चर्य की बात है। पाइप फूटने के बाद जब तक सुधार नहीं किया गया लोगों के घरों में नलों से पानी की सप्लाई भी बंद रही। आश्चर्य की बात यह है कि एक निजी स्कीम के कार्य के लिए सरकारी तंत्र और इलाके के जनप्रतिनिधि इतना सहन क्यों कर रहे है। नागरिकों के मन में मिलीभगत का संदेह भी पैदा हो रहा है।