शनि जयंती पर 7 मिनट की आराधना शनि दोष से मुक्ति पाने का सरल उपाय!

इस बार यह जयंती 27 मई 2025 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व माना गया है, उनकी आराधना से व्यक्ति को रोग, कर्ज और शत्रुओं से मुक्ति मिलती हैं।
शनि जयंती पर 7 मिनट की आराधना शनि दोष से मुक्ति पाने का सरल उपाय!
शनि जयंती (सौ.सोशल मीडिया)
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Shani Jayanti 2025: न्याय और कर्म के देवता भगवान शनि देव के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में हर साल शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार यह जयंती 27 मई 2025 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में शनि देव की पूजा का विशेष महत्व माना गया है, उनकी आराधना से व्यक्ति को रोग, कर्ज और शत्रुओं से मुक्ति मिलती हैं।

ज्योतिष में उन्हें न्यायाधीश का स्थान प्राप्त है और शनि सभी जातकों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। आपको बता दें, इस बार कई शुभ संयोगों के इस दिन होने से ये और खास हो गयी हैं। इस शुभ अवसर पर, भक्त कर्मफल दाता भगवान शनि की पूजा करते और व्रत भी रखते हैं। ऐसे में कौन सा वो योग जो सिर्फ 7 मिनट के लिए ही इस दिन आयेगा चलिए जानते हैं….

कब मनाई जायेगी शनि जयंती

आपको बता दें, पंचांग के अनुसार शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती हैं। इस वर्ष शनि जयंती 27 मई 2025 को मनाई जाएगी। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार, सूर्य देव के पुत्र भगवान शनि का जन्म इसी दिन हुआ था।

इसलिए, हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। इस शुभ दिन पर मंदिरों में भगवान शनि की विशेष पूजा की जाती है।

क्या है शनि जयंती पर शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:11 बजे शुरू होगी और 27 मई को सुबह 8:31 बजे समाप्त होगी।

इस साल सिर्फ 7 मिनट रहेगा ये खास योग

ज्येष्ठ अमावस्या यानि की शनि जयंती पर कई शुभ योग बन रहे हैं। सुकर्मा योग सुबह से रात 10:54 बजे तक रहेगा उसके बाद से धृति योग बनेगा तो वहीं सुबह 5:25 बजे से 5:32 बजे तक एक दुर्लभ सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।

ये योग सिर्फ 7 मिनट ही रहेगा.इस खास योग में पूजा से आप शनि को प्रसन्न कर सकते हैं इसके अलावा, शिववास योग भी सुबह 8:31 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस शिववास योग के दौरान, भगवान शिव देवी पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर निवास करते है।

क्या है शनि जयंती का महत्व

शनि जयंती के दिन व्रत रखने और शनि पूजा करने से जीवन में नकारात्मक प्रभाव कम होते है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान हैं, उनके लिए यह दिन खास होता है। इस दिन शमी के पेड़ की पूजा करें, गरीबों को दान दें, सरसों के तेल से शनि देव का अभिषेक करें और छाया दान करें। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।

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