
शनि जयंती पर क्या करने से बचना चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
27 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। यह जयंती हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। शनि देव, न्याय और कर्मफल के देवता माने जाते हैं। उनकी कृपा जिस पर बरसती है, उसका जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है।
वहीं, जिनकी कुदृष्टि पड़ती है, उन्हें अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती के दिन शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो सके।
हालांकि, आपको बता दें, इस दिन कुछ कार्य, जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए, वरना जीवन दुखों से भर सकता है। आइए जानते हैं उन कामों के जो इस दिन भूल से भी नहीं करने चाहिए।
शनि जयंती पर क्या नहीं करना चाहिए
तामसिक भोजन से बचें
शनि जयंती के दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है. इस दिन मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनिदेव अप्रसन्न होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन शुद्ध और शाकाहारी भोजन करें।
झूठ बोलने से बचें
शनि जयंती के दिन झूठ बोलने से बचना चाहिए। क्योंकि, शनि देव न्याय के देवता हैं। यदि आप झूठ बोलते हैं या किसी को धोखा देते हैं, तो शनि की दृष्टि कुपित हो सकते हैं। इस दिन सत्य और ईमानदारी का संकल्प लेने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और आपकी कुंडली में शनि के दोष भी शांत होते हैं।
क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
शनि जयंती के दिन शांत और सकारात्मक रहना चाहिए। क्रोध, ईर्ष्या या किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नकारात्मक विचार रखने से शनिदेव अप्रसन्न हो सकते हैं और आपके कार्यों में बाधा आ सकती है।
बाल और नाखून न काटें
कुछ मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती के दिन बाल और नाखून काटना भी अशुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन इन कार्यों से बचें। हालांकि, इन मान्यता के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जाता है।
किसी का अपमान न करें
शनिदेव न्याय के देवता हैं और उन्हें अन्याय बिल्कुल पसंद नहीं है। इस दिन भूलकर भी किसी गरीब, कमजोर, या जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान न करें। ऐसा करने से शनिदेव रुष्ट हो सकते हैं और आपको उनके प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है। इस दिन जितना हो सकता है। दूसरों की सहायता करें और सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें।






