गंगा दशहरा के दिन कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
मां गंगा को समर्पित गंगा दशहरा का पावन पर्व 5 जून 2025 को पूरे देश भर में मनाया जाएगा। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि, इस दिन गंगा में स्नान करने और पितरों का तर्पण करने से व्यक्ति को न केवल पिछले दस जन्मों के पापों से छुटकारा मिलता है, बल्कि जीवन में किए गए गंभीर अपराधों से भी मुक्ति मिल सकती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, गंगा दशहरा का दिन बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र दिन होता है। इस दिन कोई ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए, जो पितरों को या देवी-देवताओं को नाराज कर दे। आइए जानते हैं गंगा दशहरा के दिन कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए।
गंगा दशहरा के दिन दान पुण्य के कार्य करना उत्तम माना जाता है। लेकिन, इस दिन भूलकर भी किसी को फटे या पुराने वस्त्र, टूटी चप्पल, खराब जूते, टूटे बर्तन, बासी भोजन आदि का दान न करें। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकत प्रवेश करती है और कर्ज बढ़ता है।
आपको बता दें कि, गंगा दशहरा के शुभ दिन पर भूलकर भी किसी को चाकू, छुरी या कोई धारदार चीजों का दान नहीं करना चाहिए ऐसा करना अशुभ होता है। इस दिन अनाज, रसीले फल, टोपी, छाता, वस्त्र आदि चीजों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
इस दिन काले रंग के वस्त्र, काली दाल का दान करने से बचना चाहिए। गंगा दशहरा पर काली चीजों का दान करने से नकारात्मकता बढ़ती है और कष्ट उठाना पड़ता है।
हिन्दू धर्म में गंगा दशहरा का बड़ा महत्व है। कहते है इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति सभी पाप धुल जाते हैं, उसे और उसके पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त होता है। साथ ही गंगा दशहरा के दिन किया गया दान 10 गुना पुण्य देता है। इस दिन