सावन में शिवलिंग का भस्माभिषेक करने का क्या होता है महत्व, जानिए इसके नियम
Bhashmabhishek on Shivling: कई लोग धार्मिक ग्रंथों में जानते है कि, भगवान शिव का अभिषेक, जल, पंचामृत के अलावा भस्म से भी किया जाता है। जहां पर भगवान शिव को अपने शरीर पर भस्म लगाना पसंद होता है।
- Written By: दीपिका पाल
सावन में शिवलिंग का क्यों होता है भस्माभिषेक (सौ.सोशल मीडिया)
Shivling Puja Vidhi: सावन का महीना चल रहा है इस पावन महीने में दो सावन सोमवार भी पूरे हो चुके है जहां पर दो सोमवार बाकी है। शिवभक्तों के लिए सावन का महीना अपने आराध्य भगवान शिव को पूजने के लिए बेहद खास होता है। कहते हैं कि, सावन सोमवार के मौके पर अगर आप नियमों के साथ भगवान शिव की पूजा करते है तो आपकी सारी मनोकामनाएं शिवजी पूरा करते है।
कई लोग धार्मिक ग्रंथों में जानते है कि, भगवान शिव का अभिषेक, जल, पंचामृत के अलावा भस्म से भी किया जाता है। जहां पर भगवान शिव को अपने शरीर पर भस्म लगाना पसंद होता है। वहीं पर देवी-देवताओं को आभूषण और वस्त्र धारण करते है। चलिए जानते हैं भस्म और भस्माभिषेक के बारे में…
जानिए भस्म का असली अर्थ
यहां पर धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भस्म को नश्वरता का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि, भस्म इस बात का प्रतीक होता है कि, जन्म से मृत्यु के बाद हमें वैसे ही राख ही हो जाना है। इस तरह ही भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाकर इस बात का संकेत देते है कि, संसार में कोई भी चीज स्थायी नहीं है, एक ना एक दिन सभी बातों का अंत हो जाना है। यहां पर भस्म को परम सत्य का सूचक भी माना गया है। सावन के सोमवार के दिन भस्म से भगवान शिव को अभिषेक करने से फायदा मिलता है और इसके सफल परिणाम भी होते है।
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जानिए शिवलिंग का भस्माभिषेक करने के नियम
यहां पर सोमवार के दिन भस्माभिषेक करने के नियम होते है। कहा जाता है कि, भगवान शिव को भस्म काफी प्रिय लगती है जहां पर भस्म से अगर आप शिवलिंग का अभिषेक करते है तो आपके सारे कष्ट भगवान शिव निवारण करते है। यहां पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि, शिवलिंग पर भस्म अर्पित करने से मोह-माया के जाल से भी व्यक्ति को मुक्ति मिलती है। जो लोग आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ना चाहते हैं उन्हें शिवलिंग का भस्म से अभिषेक करने पर अलौकिक अनुभव प्राप्त हो सकते हैं। वहीं भस्म से शिवलिंग का अभिषेक करने से नकारात्मक शक्तियों का विनाश होता है आप शांति के माहौल में रहते है।
इसके अलावा भस्म का अभिषेक करने पर घर में शांति, सद्भाव और संतुलन बना रहता है। साथ ही परिवार के लोगों का आत्मिक विकास भी शिवलिंग का भस्म से अभिषेक करने पर होता है। भस्माभिषेक करने से सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों क्षेत्रों में आपको लाभ मिलते है।
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जानिए शिवलिंग पर भस्म चढ़ाने के नियम
यहां पर शिवलिंग पर भस्म चढ़ाने के नियम होते है जिनका पालन आपको करना चाहिए…
- भस्म से शिवलिंग का अभिषेक करने से पहले आपको स्नान-ध्यान आदि कर लेना चाहिए।
- भस्माभिषेक करने के लिए सुबह और सूर्यास्त के बाद का समय (प्रदोष काल) शुभ माना जाता है।
- इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली भस्म पवित्र हो।
- भस्म अगर लकड़ी, गोबर या यज्ञ की आग से बनी हो तभी इसे शुद्ध माना जाता है।
- भस्म लगाते समय भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का आपको जप करना चाहिए।
- शिवलिंग का भस्माभिषेक करने के बाद उस भस्म से तिलक आपको भी करना चाहिए।
