
मां सरस्वती (सौ.सोशल मीडिया)
Saraswati Puja Mistakes: बसंत पंचमी का पर्व जल्द आने वाला है। ज्ञान, कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ मास की पंचमी तिथि को पूरे देशभर में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी 2026 को सुबह 2:28 बजे से अगले दिन 1:46 बजे तक रहेगी।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भक्त मां सरस्वती की पूजा कर ज्ञान, बुद्धि और विवेक की कामना करते हैं। मान्यता है कि सही विधि और नियमों के साथ पूजा करने से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लेकिन अगर इस दिन कुछ गलतियां हो जाएं, तो इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते है वसंत पंचमी पर किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
वसंत पंचमी के शुभ तिथि पर काले और लाल रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। यह दिन बसंत ऋतु और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस दिन पीले और सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ होता हैं और ये मां सरस्वती को प्रिय होते हैं।
इस दिन तामसिक भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। मांस, लहसुन, प्याज, शराब और भारी मसालेदार आदि भोजन से शरीर और मन दोनों को भारी और नकारात्मक बना सकते हैं।
कहा जाता है कि, वसंत पंचमी के दिन प्रकृति की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन पेड़ काटना अशुभ माना गया है। पेड़ प्रकृति का अहम हिस्सा हैं और इन्हें नुकसान पहुंचाने से मां सरस्वती नाराज हो सकती हैं।
इस दिन झूठ बोलने से भी बचना चाहिए। मां सरस्वती सत्य और ज्ञान की देवी हैं। वसंत पंचमी के दिन झूठ बोलने से उनकी कृपा से वंचित होना पड़ सकता है। इस दिन सत्य का पालन करना और सकारात्मक विचार रखना चाहिए।
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ऐसा माना जाता है कि, इस दिन किताबों, कॉपियों, वाद्य यंत्रों या किसी भी ज्ञान से जुड़ी वस्तु का अपमान करना वसंत पंचमी के दिन वर्जित माना गया है। विद्या का सम्मान करने से ही मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं।
वसंत पंचमी के दिन कटु वचन बोलने या किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मीठी वाणी और विनम्र व्यवहार से मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है।






