शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद बिल्कुल न करें ये काम, वरना शुरू हो जाएगा बुरा समय
Shivling Jal Abhishek: महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद गलत आचरण और विवाद से बचें। मान्यता है कि ऐसा करने से पूजा का शुभ फल प्रभावित हो सकता है।
- Written By: सीमा कुमारी
शिवलिंग (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Puja Rules: कल, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जाने वाला है। शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए होली और दिवाली के त्योहार से कम नहीं है। इस दिन शिव भक्त व्रत और भगवान शिव का विशेष पूजन करते हैं।
इस दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक भी किया जाता है। हालांकि, शिव मंदिर से शिवलिंग पर जल चढ़ाने और रुद्राभिषेक करने के बाद घर आकर कुछ कामों को करने से बचना चाहिए।
अन्यथा व्यक्ति पाप का भागी बन सकता है साथ ही पूजा निष्फल हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि शिव को जल चढ़ाने के बाद मंदिर से लौटते समय व घर आकर कौन से काम नहीं करने चाहिए?
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शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद क्या न करें?
ज्योतिषयों के अनुसार, महाशिवरात्रि या किसी भी दिन शिवलिंग पर जल/पंचामृत चढ़ाने और मंदिर से लौटने के बाद कुछ चीज़ें करने से बचना चाहिए, ताकि पूजा का फल पूर्ण रूप से मिले।
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कभी भी खाली हाथ घर नहीं आएं
ज्योतिषयों के मुताबिक, शिव मंदिर में जल चढ़ाने के बाद कभी भी खाली हाथ घर नहीं आना चाहिए। अपने घर से शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए लोटा या टोकरी में कोई सामान लेकर गए हैं, तो उसमें जल, चरणामृत, फल, फूल या अन्य प्रसाद रखकर ही घर आएं। ऐसा न करने पर पाप के भागी बन सकते हैं।
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हाथ या पैर धोने से बचें
कहते है शिव मंदिर से जल चढ़ाने के बाद घर आकर तुरंत या रास्ते में कहीं पर भी हाथ या पैर धोने से बचें। अगर आप ऐसा करते है, तो आपको नकारात्मक उर्जा घेर सकती है। इसलिए ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।
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लड़ाई-झगड़ा न करें
किसी भी मंदिर से बाहर निकलते ही किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें और न ही अपशब्द कहें। कहा जाता है कि,ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता हैं।
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तुरंत सोए नहीं
किसी भी मंदिर से आने के तुरंत बाद सोना भी नहीं चाहिए। इससे पूजा का पूरा फल नहीं मिलता हैं।
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तुरंत प्रसाद नहीं खाएं
मंदिर से लाए प्रसाद को घर आते ही तुरंत नहीं खाएं। और न ही रास्ते में उसका सेवन करें। शास्त्रों में ऐसा करना अशुभ बताया गया है। इसके अलावा प्रसाद को अशुद्ध जगह पर न रखें और न ही उसका अपमान न करें।
