प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha FDA Advisory: वर्धा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि होनेसे श्रद्धालु बड़े पैमाने पर उपवास करते हैं, उपवास के लिए भगर, साबुदाना, सिंगाडा व राजगीरा आटा का प्रयोग विविध अन्न पदार्थों में किया जाता है।
इन पदार्थों के सेवन से अन्न विषबाधा होने की संभावना रहती है, ऐसा अन्न व औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सूचित किया है। नागरिकों को सावधानीपूर्वक उपवास यानी व्रत के पदार्थों का सेवन करने का आह्वान किया गया है।
बाजार से उपवास के अन्न पदार्थ लाने के पथात स्वच्छ करें, संभव रहने पर पैकेट बंद पदार्थों की ही खरेदी करें, दौरान पैकेट पर पैकिंग की तिथि व अंतिम उपयोग के संदर्भ में तारीख जांच ले, अन्न पदार्थ जमा कर रखते समय स्वच्छ, जहां मॉईश्चर का खतरा न हो ऐसी जगह ढक्कन बंद रखकर रसखे, जादा दिनों तक अन्न पदार्थ न रखते हुए ऐसे पदार्थों का सेवन न करें, उपवास के खाद्यपदार्थ खुली जगह खरेदी न करें, भगर की दशमी अथवा भाकर का सेवन करने के बजाए खिचड़ी बनाएं, भगर व फल्ली यह प्रथिनयुक्त पदार्थ है।
दो से तीन दिन तक उपवास रहने से पदार्थों के सेवन से एसिडीटी हो सकती है। जिससे उल्टी व पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इन पदार्थों का सेवन पचनशक्ति के अनुसार मर्यादा में करें, बासी अन्नपदार्थों का सेवन न करें, ऐसा आवाहन अन्न व औषधि प्रशासन द्वारा किया गया है।
विक्रेता पैकेटबंद अन्नपदार्थ की विक्री करें, अन्न पदार्थ खरेदी करते समय उत्पादक/चिल्लर विक्रेताओं से रसीद/बिल लें। अन्नपदार्थ के पैकेट, बोरी पर उत्पादक का पता, परमीट क्रमांक, पैकिंग तारीख, अंतिम उपयोग की तारीख जांच लें, एक्सपायरी अन्नपदार्थ के बिक्री न करें, तैयार अन्नपदार्थ खुली जगह पर न रखे, तैयार करते समय स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधित नियमों का पालन करें, ऐसे निर्देश अन्नपदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं को अन्न व औषधि प्रशासन द्वारा दिए गए हैं।
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उपवास के पदार्थ खरेदी करते हुए नागरिकों ने पैकिंग व उपासना करते हुए नागरिकक संबंधित विक्रेता निर्देशों का पालन करें, कही भी अनियमितता दिखाई देने पर नागरिक अन्न व औषधि प्रशासन की ओर शिकायत दर्ज करें। संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– वर्धा सहा आयुक्त, अन्न व औषधी प्रशासन, प्रफुल्ल टोपले