शिव-पार्वती (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Par Kya Na Kare : महाशिवरात्रि का पर्व जल्द आने वाला है। भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है जो हर साल फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यानी 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को पूरे देशभर में मनाया जाएगा।
लोक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर, रात्रि जागरण कर और शिवलिंग पर जल-अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करते हैं।
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा एवं प्रार्थना से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं, लेकिन अगर पूजा-व्रत में कुछ गलतियां हो जाएं, तो इसका फल उल्टा भी हो सकता है।
महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष बातें ध्यान में रखनी बहुत जरूरी हैं। अगर ये गलतियां हो जाए , तो कहा जाता है कि शिव कृपा कम हो सकती है। जो इस प्रकार है-
महाशिवरात्रि के दिन शिव जी का अभिषेक करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर कांसे के बर्तन से दूध या जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है।अभिषेक के लिए सोने, चांदी या तांबे के पात्र का उपयोग करें।
महाशिवरात्रि के अवसर पर काले रंग के कपड़े पहनने से बचें, विशेष रूप से पूजा के समय।
इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसी तामसिक वस्तुओं का सेवन न करें, भले ही गलती से ही क्यों न हो।
शिवलिंग पर तुलसी, सिंदूर, केतकी के फूल चढ़ाना वर्जित है, इसलिए पूजा में इनका उपयोग न करें। साथ ही, शिवलिंग पर टूटे या खंडित चावल भी न चढ़ाएं।
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शिवजी की पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित है। शास्त्रों के अनुसार, महादेव ने शंखचूड़ नामक असुर का वध किया था, इसलिए शिवलिंग का अभिषेक शंख से नहीं करना चाहिए। इसके लिए तांबे या पीतल के लोटे का उपयोग करें।
महाशिवरात्रि के दिन अपने मन में बुरे विचार न लाएं और किसी से भी बुरे शब्द न कहें। अपना मन शिव जी की आराधना में लगाएं।