भगवान शिव और मां पार्वती (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri 2026 Vrat Niyam: शिव-आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि श्रद्धा और भक्ति के साथ हर साल मनाया जाता है। इसे साल का सबसे बड़ा और पावन पर्व माना जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी, रविवार को महाशिवरात्रि का आयोजन पूरे देशभर में किया जाएगा। इस दिन शिवभक्त उपवास रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर सच्चे मन से की गई आराधना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आप भी इस बार रखने जा रहे हैं महाशिवरात्रि का व्रत, तो जान लें इस दिन क्या खाएं और क्या नहीं?
शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि व्रत के दौरान कुछ भक्त पूरा दिन शिव की आराधना करते हैं और निराहार रहते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि व्रत का पारण 27 फरवरी को किया जाएगा। शिवरात्रि पारण का समय सुबह 6 बजकर 59 मिनट से सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। बता दें कि महाशिवरात्रि व्रत का समापन चतुर्दशी तिथि समाप्त होने से पहले करना चाहिए।
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मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव वैराग्य जीवन छोड़कर मां पार्वती के साथ विवाह के बंधन में बंधे थे। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव भ्रमण पर निकलते हैं और रात्रि जागरण कर महादेव की भक्ति में भजन कीर्तन और पूजा करने वालों पर विशेष कृपा करते हैं।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात ग्रह और नक्षत्रों की ऐसी स्थिति होती है जिससे एक खास ऊर्जा का प्रवाह होता है।