आज लोहड़ी की अग्नि जलाने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है जानिए, पूजा की सामग्री और पूजा विधि भी
Lohri Puja Muhurat: लोहड़ी 2026 आज मनाई जा रही है। लोहड़ी पर सही समय पर अग्नि जलाना बेहद शुभ माना जाता है। जानें आज का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि।
- Written By: सीमा कुमारी
लोहड़ी (सौ.सोशल मीडिया)
Lohri Ritual And Puja Method:पूरे देशभर में आज लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है। यह त्योहार सिख समुदाय का प्रमुख त्योहारों में से एक है। जो हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले यानी आज 13 जनवरी को है। लोहड़ी का त्योहार पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
पारंपरिक रूप से इस त्योहार में शाम के समय अग्नि जलाना बेहद शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के बाद की अवधि को सबसे उत्तम मुहूर्त माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आज किस शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाई जाएगी? साथ ही जानते हैं लोहड़ी की पूजा विधि-
लोहड़ी की अग्नि जलाने का क्या है शुभ मुहूर्त
लोहड़ी की अग्नि जलाने का शाम 5:43 बजे से 7:15 बजे तक है। इस शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
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कुछ स्थानों पर यह समय शाम के लगभग 5:45 बजे से रात 8:30 बजे तक भी बताया गया है।
मूलतः सूर्यास्त (गोधूलि बेला) के बाद अग्नि जलाना सबसे उत्तम है।
लोहड़ी पूजा में अग्नि को अर्पण की जाने वाली सामग्री का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार नीचे दी गई सामग्री का होना अनिवार्य माना जाता है—
लोहड़ी पूजा की अनिवार्य सामग्री
लकड़ी
उपले
दूध
घी
तिल
गुड़
रेवड़ी
मूंगफली
मक्का
कैसे करें लोहड़ी पूजा
- लोहड़ी पूजा के लिए सबसे पहले शाम के समय घर के बाहर या खुली जगह पर अच्छे से साफ-सफाई करें।
- फिर इसके बाद वहां लकड़ियां और उपले इकट्ठा करके ढेर बना लें।
- फिर शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाएं और अग्नि की परिक्रमा करें।
- अग्नि की परिक्रमा करते हुए उसमें दूध और जल अर्पित करें।
- अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्का यानी पॉपकॉर्न आदि अर्पित करें।
- किसान गेहूं की बालियां अर्पित करें।
- अग्नि की कम से कम 7 या 11 परिक्रमा करें।
- फिर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- पूजा के बाद सभी को रेवड़ी और मूंगफली का प्रसाद वितरित करें।
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लोहड़ी की अग्नि का क्या है धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
लोक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की जलती अग्नि में पॉपकॉर्न, मूंगफली, रेवड़ी और गुड़ जैसी चीजें डालने का एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह कार्य प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक तरीका है।
माना जाता है कि ऐसा करके लोग अपने बीते हुए कल को पीछे छोड़ते हैं और नई उम्मीदों के साथ नए साल को गले लगाते हैं। अग्नि के चारों ओर इकट्ठा होकर लोग अपने जीवन में समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
