फाल्गुन रवि प्रदोष के दिन भगवान शिव का यह प्रिय फूल बनाएगा धन आगमन के शुभ योग! जानिए क्या करना होगा
Aparajita Flower: फाल्गुन रवि प्रदोष भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में उनका प्रिय पुष्प अर्पित कर मंत्र जप करने से धन और समृद्धि के शुभ योग बनते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
शिवलिंग और अपराजिता फूल (सौ.सोशल मीडिया)
Ravi Pradosh Vrat 2026: रविवार, 1 मार्च 2026 को फाल्गुन का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। हर महीने आने वाली त्रयोदशी तिथि की संध्या को मनाया जाने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पावन समय माना जाता है। मान्यता है कि सूर्यास्त से लगभग 45–48 मिनट पहले और बाद का समय प्रदोष काल कहलाता है। इस दौरान की गई पूजा और उपाय शीघ्र फलदायी माने जाते हैं।
आमतौर पर शिव भक्त बेलपत्र, जल और दूध से पूजा करते हैं, लेकिन एक खास नीला फूल चढ़ाने से धनवर्षा हो सकती है। ऐसे में आइए जानते शिव के प्रिय फूल से जुड़ा ये उपाय
कौन सा है यह खास पुष्प उपाय?
शास्त्रीय और लोक परंपराओं में अपराजिता को भगवान शिव का प्रिय पुष्प माना जाता है। इसके नीले, छोटे और शंखाकार फूल विशेष रूप से पूजन में उपयोग किए जाते हैं।
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“अपराजिता” शब्द का अर्थ है जिसे कोई पराजित न कर सके। इसलिए इसे विजय, सकारात्मक ऊर्जा और बाधा निवारण का प्रतीक माना जाता है।
शिव से नीले रंग का विशेष संबंध क्यों?
भगवान शिव के भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप से नीले रंग का विशेष संबंध है। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष का पान करने से उनका कंठ नीला हो गया था। तभी से नीला रंग शांति, गहराई और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
आर्थिक तंगी दूर करने में बड़ा कारगर
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए प्रदोष काल में भगवान शिव के शिवलिंग पर ताज़ी अपराजिता के फूल अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जप करना शुभ बताया गया है।
त्रयोदशी के दिन किन नियमों का करें पालन
- त्रयोदशी के दिन संभव हो तो व्रत रखें या सात्विक भोजन करें।
- सूर्यास्त से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
- इसके बाद अपराजिता यानी शंखपुष्पी के ताजे नीले फूलों की माला चढ़ाएं।
- घी या सरसों के तेल का दीपक जलाकर महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
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अपराजिता के फूल अर्पित करते इन बातों का ध्यान रखें
- मुरझाए या टूटे हुए फूल न चढ़ाएं।
- पूजा में लालच नहीं, कृतज्ञता और श्रद्धा का भाव रखें।
- ये उपाय आस्था पर आधारित है, इसे सकारात्मक सोच के साथ करें।
- धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में किया गया यह छोटा सा पुष्प अर्पण जीवन की अड़चनों को कम कर सकता है और धन से जुड़े नए अवसरों को आकर्षित कर सकता है हालांकि, ये सभी बातें पारंपरिक आस्थाओं पर आधारित हैं।
