
कैलाश पर्वत के अनकहे रहस्य (सौ.सोशल मीडिया)
Kailash Mansarovar: हिंदू धर्म में तीर्थयात्रा का महत्व होता है। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरूआत होने के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हो गई है।भारत और चीन की सीमा पर स्थित कैलाश पर्वत की मानसरोवर यात्रा की शुरूआत 30 जून से हो चुकी है। जहां पर इस यात्रा को शुरू होने में 5 साल का समय लग गया वहीं पर कैलाश पर्वत से जुड़े कई रहस्य ऐसे है जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। भगवान शिव के सबसे खास स्थान कैलाश पर्वत के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है।
खूबसूरती के मामले में कैलाश पर्वत की अलग बात है तो वहीं पर यहां पर आपको समय के बदलते रूप और कुछ रहस्य जानने के लिए मिलेंगे। कहते हैं कि, जीवन में एक बार कैलाश पर्वत की यात्रा करना चाहिए, भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।
यहां कैलाश पर्वत पर समय के चक्र या टाइम जोन की बात की जाए तो, बदलाव देखने के लिए मिलता है। समय परिवर्तन का रहस्य यहां कैलाश पर्वत में छिपा है। यहां पर आपको 2 हफ्ते का समय सिर्फ 12 घंटे में सिमटता नजर आएगा। इसका कारण हैं कि, जो कार्य पूरा होने में 2 हफ्ते लेते है वह बस 12 घंटे में पूरा हो जाते है। यहां पर तेजी से समय और उम्र बढ़ने की बात सुनने के लिए मिली है। इतना भी कहा जाता है कि, महज 12 घंटे में बाल और नाखून इतने बढ़ जाते हैं कि जितने 2 हफ्ते में बढ़ते होंगे। इसे लेकर कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करने वाले लोग बताते हैं कि, उन्होंने अपने नाखूनों और बालों के अचानक अस्पष्टीकृत विकास का अनुभव किया है। कैलाश पर्वत पर 12 घंटे की अवधि में नाखूनों और बालों की वृद्धि दर दुनिया के अन्य हिस्सों में 2-3 सप्ताह के दौरान विकास दर के बराबर है।
आपको बताते चलें कि, कैलाश पर्वत को दिव्य निवास के रूप में जाना जाता है यहां पर भगवान शिव का वास है। कहते हैं कि, महादेव, दिव्य शांति में निरंतर ध्यान करते हैं और ब्रह्मांडीय चेतना को मूर्त रूप देते हैं। इतना ही नहीं भगवान शिव और माता पार्वती अभी भी इस दिव्य पर्वत पर निवास करते है। बौद्ध और जैन धर्म का यहां से नाता बेहद पुराना है। कैलाश पर्वत की खासियत यह भी है कि, ब्रह्मांड की आध्यात्मिक ऊर्जाओं को स्थिर करता है, जो स्वर्ग और पृथ्वी को एक ब्रह्मांडीय संतुलन में जोड़ता है। कैलाश पर्वत की ऊंचाई की बात की जाए तो, 6,656 मीटर ऊंचाई आंकी गई है जिसे अब तक कोई पूरा नहीं कर पाया है यानि कोई इसकी चढ़ाई पूरी नहीं कर पाए है।
बताते चलें कि, यहां पर कैलाश पर्वत पर आपको कई रहस्य जानने के लिए मिलेंगे ही वहीं पर यहां राक्षस ताल भी देखने के लिए मिलेगा। मानसरोवर के विपरित खारे पानी की झील को राक्षस ताल कहा गया है जिसे पहले के समय में श्राप मिल चुका है। राक्षस ताल को अंधकार और नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है यानि इस झील को आप मायावी मानते है जहां पर सुकून नहीं अशांति नजर आती है। इसके अलावा ताजे पानी की मानसरोवर झील भी मिलती है। जहां पर आपको सकारात्मकता नजर आता है।इसकी लगभग पूर्ण संरचना मानवों की उत्पत्ति के सिद्धांतों को बताती है, जो इसकी प्राकृतिक भव्यता में एक रहस्य जोड़ती है।






