रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने की महिमा जानिए, विधिवत पूजा से मिलेगी 'ऐसी' कृपा

Shiva Worship: रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुलाल अर्पित करने का विशेष महत्व है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Rangbhari Ekadashi
शिवलिंग(सौ.सोशल मीडिया)
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Rangbhari Ekadashi: एकादशी व्रत हिंदू धर्म में सबसे पवित्र तिथियों में से एक मानी जाती है। यह तिथि हर महीने दो बार आती हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित हैं। कहा जाता है कि जो भी भक्त इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

रंगभरी एकादशी का संबंध शिव और माता पार्वती से है

रंगभरी एकादशी एकमात्र ऐसी एकादशी है, जिसका संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर अपनी नगरी काशी लाए थे। उनके स्वागत में पूरी काशी नगरी ने अबीर-गुलाल उड़ाकर खुशियां मनाई थीं। इसलिए, इस दिन शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने का भी खास महत्व होता है। ऐसे में आइए जानते है रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने का महत्व है?

रंगभरी एकादशी पर शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने का महत्व

रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और शांति आती है। यह कार्य भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा को आकर्षित करता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ाने में मदद करता है।

शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाने की विधि

सुबह स्नान करके पीले या लाल कपड़े पहनें। मंदिर जाकर सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। फिर दाहिने हाथ की अनामिका और अंगूठे से गुलाबी या लाल गुलाल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। गुलाल चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ गौरीशंकराय नमः” का जप करें। महादेव के साथ माता पार्वती को भी लाल गुलाल और सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। ऐसा करने से दांपत्य जीवन के क्लेश दूर होते हैं।

रंगभरी एकादशी 2026 महत्व

शास्त्रों के अनुसार, रंगभरी एकादशी होली के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन विशेष रूप से शिव और पार्वती की आराधना से जुड़ा हुआ है। जो भक्त इस दिन विधिवत पूजा करते हैं और मंत्र जाप या अभिषेक करते हैं, उनके जीवन में भाग्य के बंद दरवाजे खुलने लगते हैं और विभिन्न कठिनाइयों का निवारण होता है।

यह पर्व विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है, जिनके विवाह में देरी हो रही है या जिनका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा है। ऐसे व्यक्तियों के लिए इस दिन की पूजा सकारात्मक परिणाम और शुभ अवसर लाती है।

रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुलाल चढ़ाना, बिल्व पत्र अर्पित करना और माता पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, शांति और सौहार्द बढ़ता है। यह दिन केवल विवाह संबंधी लाभ ही नहीं देता, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक माना जाता है।

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