आज से शुरू हुआ खरमास, अगले एक महीने तक न करें ये बड़ी गलतियां, वरना बिगड़ जाएंगे बनते काम
kharmas religious significance:आज से खरमास की अवधि आरंभ हो गई है। मान्यताओं के अनुसार, इस 30 दिन की अवधि में कुछ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इन नियमों का पालन करने से शुभ कार्यों में बाधा नहीं आती।
- Written By: सीमा कुमारी
आज से शुरू हुआ खरमास(सौ.सोशल मीडिया)
kharmas Rules And Mistakes: आज 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत हो गई है। यह अवधि तब मानी जाती है जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं। खरमास लगभग 30 दिनों तक रहता है और इस दौरान मांगलिक कार्यों को शुभ नहीं माना जाता।
मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कोई शुभ कार्य करना बहुत अशुभ होता है, ऐसा करने से व्यक्ति समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. खरमास वो समय होता है जब सूर्य देव की गति कम प्रभावशाली होती है। तो आइए जानते हैं कि 15 जनवरी 2026 तक कौन से कार्य करने की मनाही है?
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मांगलिक कार्यों से दूरी रखने की परंपरा
खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नई दुकान या व्यवसाय की शुरुआत जैसे शुभ कार्य टालने की परंपरा है। मान्यता है कि इस समय किए गए मांगलिक कार्य अपेक्षित फल नहीं देते।
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तामसिक भोजन और नकारात्मक आदतों से बचाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में तामसिक भोजन, नशा और गलत आदतों से दूरी बनानी चाहिए। सात्विक भोजन और संयमित जीवनशैली अपनाने से मानसिक शांति बनी रहती है।
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आलस्य और क्रोध से बचने की सलाह
इस अवधि में आलस्य, क्रोध और नकारात्मक सोच से बचना महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि अनुशासन और संयम रखने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
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दान-पुण्य और पूजा का महत्व
खरमास को दान, जप, तप और पूजा के लिए उत्तम समय माना गया है। इस दौरान जरूरतमंदों की सहायता करना और भगवान विष्णु व सूर्य देव की उपासना करना शुभ माना जाता है।
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नई योजनाओं को टालना क्यों जरूरी
मान्यताओं के अनुसार खरमास में बड़े फैसले, नई योजनाएं या निवेश टाल देना बेहतर होता है। इस समय पुराने कार्यों को पूरा करना और आत्मचिंतन करना अधिक फलदायी माना जाता है।
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नए घर में प्रवेश करना अशुभ
खरमास में नए घर में प्रवेश करना अशुभ माना जाता है और इसलिए इस दौरान गृह प्रवेश जैसा शुभ कार्य नहीं किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर की सुख-शांति और समृद्धि प्रभावित हो सकती है। इस समय सिर्फ पुराने घर में रहते हुए संयम और पूजा-पाठ पर ध्यान दें।
