-
सोम, 10 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Religion »
- Importance And Method Of Worship Of Kokila Vrat
अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर पाने के लिये रखा जाता है कोकिला व्रत, जानें इससे जुड़ी मां सती की कथा
- Written By: रीना पंवार
कोकिला व्रत भगवान शिव एवं मां पार्वती को समर्पित होता है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं और अविवाहित लड़कियां करती हैं। धार्मिक मत है कि‘कोकिला व्रत’करने से विवाहित महिलाओं के सौभाग्य में वृद्धि होती है तथा शिव की कृपा से अविवाहित लड़कियों के शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

(सौजन्य सोशल मीडिया)
हिंदू धर्म में आषाढ़ महीने की पूर्णिमा का बड़ा महत्व है। इस दिन गुरु पूर्णिमा भी मनाई जाती है तथा मां लक्ष्मी और जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ ‘कोकिला व्रत’ (Kokila Vrat 2024) भी रखा जाता है। इस साल ‘कोकिला व्रत’ 20 जुलाई 2024 को पड़ रहा है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिविधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि यह व्रत करे से अविवाहित लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है तथा शादीशुदा महिलाओं सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
कोकिला व्रत भगवान शिव एवं मां पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती के निमित्त व्रत रखा जाता है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं और अविवाहित लड़कियां करती हैं। धार्मिक मत है कि‘कोकिला व्रत’करने से विवाहित महिलाओं के सौभाग्य में वृद्धि होती है तथा शिव की कृपा से अविवाहित लड़कियों के शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। तो आइए जानें कोकिला व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि और कथा के बारे में –
शुभ मुहूर्त
कोकिला व्रत आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन रखा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा 20 जुलाई को शाम 5 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी, जो 21 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर खत्म होगी। इसके लिए 20 जुलाई को ही कोकिला व्रत रखा जाएगा। व्रती 20 जुलाई को कोकिला व्रत कर सकते हैं। इस व्रत का पूजन शाम के समय किया जाता है। इस दिन पूजन के लिये शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 19 मिनट से 9 बजकर 22 मिनट तक है। वहीं, आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को है।
सम्बंधित ख़बरें
सावन अमावस्या पर राशि अनुसार दान करें ये चीजें, पितरों की कृपा से खुल सकते हैं सुख-समृद्धि के द्वार
सावन में शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये खास इत्र, महादेव को है बेहद प्रिय; जानें इससे जुड़े रहस्यमयी लाभ
Sawan Somwar: सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा ‘दुर्लभ शिव संयोग’, इस दिन पूजा से क्यों मिल सकता है कई गुना फल
बेलपत्र तोड़ने के ये गुप्त नियम नहीं जानते होंगे आप, एक गलती से लग सकता है दोष, नाराज़ हो सकते हैं भोलेनाथ
रवि योग
कोकिला व्रत के दिन रवि योग दिन भर रहेगा। वहीं, भद्रावास संध्याकाल से है। ज्योतिषियों की मानें तो रवि योग 20 जुलाई को भारतीय समय अनुसार 5 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा। वहीं, इसका समापन 21 जुलाई को देर रात 1 बजकर 49 मिनट पर होगा। इस दिन नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है।
कोकिला व्रत की पूजा-विधि
पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद मंदिर जाकर भगवान शिव का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें। विधि-विधान से भांग, धतूरा, बेलपत्र, फल अर्पण कर शिवजी और सती माता का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
पूजा के दौरान भगवान शिव को सफेद फूल और माता सती को लाल रंग के फूल चढ़ाएं। इसके बाद धूप और घी का दीपक जलाकर आरती करें और कथा पढ़ें। व्रत के दौरान दिनभर कुछ भी न खाएं, शाम के समय पूजा और आरती करने के बाद फलाहार कर सकते हैं। इस व्रत में अन्न ग्रहण नहीं किया जा सकता है। इस तरह पूजा करने से भगवान शिव और माता सती का आशीर्वाद प्राप्त होता है और दांपत्य जीवन सुखी रहता है।
कोकिला व्रत की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सती ने अपने पिता राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान किए जाने के बाद आत्मदाह कर लिया था। भगवान शिव को जब माता सती के आत्मदाह का पता चला तो उन्होंने मां सती को श्राप दिया कि जैसे आपने मेरी इच्छाओं के खिलाफ जाकर आहुति दी वैसे ही आपको भी मेरे वियोग में रहना पड़ेगा। भगवान शिव ने सती को 10 हजार साल तक कोयल बनकर जंगलों में रहने का शाप दिया। इस शाप के बाद मां सती कोयल बनकर 10 हजार साल तक वन में रही और भगवान शिव की आराधना की। बाद में उन्होंने पर्वतराज हिमालय के घर देवी पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया और कठोर तप के बाव शिव को पति के रूप में पाया। इसी कारण कोकिला व्रत, देवी सती और भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है। ‘कोकिला’ शब्द भारतीय पक्षी कोयल को दर्शाता है, जो देवी सती के साथ प्रतीकात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
लेखिका-सीमा कुमारी
Importance and method of worship of kokila vrat
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
वर्धा में भारी बारिश ने बिगाड़ी सड़क-पुलों की हालत, 35 सड़कें टूटीं, 50 किमी डामर उखड़ा
Aug 10, 2026 | 08:31 AMश्रावण के दूसरे सोमवार महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भस्म आरती में शामिल हुए श्रद्धालु
Aug 10, 2026 | 08:27 AMWeather Alert: हिमाचल से लेकर बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए अगले 72 घंटे का मौसम का मिजाज
Aug 10, 2026 | 08:12 AMमुरैना में खुली स्कूलों की पोल: 65 हजार वेतन वाला हेडमास्टर स्कूल से नदारद, 4500 रुपए में रखी मैडम पढ़ाती मिली
Aug 10, 2026 | 08:05 AMवो मुझे गाली देती है… पत्नी सुनीता के बयान पर पहली बार बोले गोविंदा, कामयाबी को लेकर कही बड़ी बात
Aug 10, 2026 | 07:48 AMपरिसीमन के नाम पर लोकतंत्र खत्म करने की साजिश! रोहित पवार का BJP पर बड़ा हमला; कहा- NCP करेगी कड़ा विरोध
Aug 10, 2026 | 07:40 AMझारखंड में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन आज, JSSC-CGL पर नहीं बनी बात, विधानसभा घेरने बड़ी संख्या में जुटे छात्र
Aug 10, 2026 | 07:30 AMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
Aug 09, 2026 | 10:51 PM
पैसे लेकर बहाली का आरोप, पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- छात्रों के साथ खुद बैठूंगा अनशन पर, देखें VIDEO
Aug 09, 2026 | 05:28 PM
नशेड़ी सिपाही की दबंगई कैमरे में कैद! दुकान में घुसकर मांगे ₹5000, VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
Aug 09, 2026 | 04:33 PM
JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM














