

Dilip Ghosh Attend Fish Festival: पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और नई सरकार के गठन के बाद रविवार को कोलकाता में भव्य ‘मछली उत्सव’ का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार में मंत्री दिलीप घोष सिंगाही पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा द्वारा बंगाल में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में आयोजित मछली उत्सव में शिरकत की।
दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा। इस दौरान उनके साथ भाजपा विधायक तापस राय भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, मछली व्यापारी, मत्स्य पालन से जुड़े कारोबारी और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल के बारे में बहुत झूठ फैलाया कि भाजपा आ गई तो मछली भात को बंद कर देगी। मछली पर बैन लगा देगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा। बंगाल की मछली अस्मिता का सवाल है और हम लोग आज यहां पर 'मछली उत्सव' में आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने बंगाल में मछली कारोबार को पीछे कर दिया है। अब हमारी सरकार आई है तो भाजपा बंगाल में मछली पालन को और ज्यादा तवज्जो देगी।
भाजपा नेता और राज्य सरकार में मंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में मछली का उत्पादन कम होता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से मछलियां मंगाई जाती हैं। बंगाल की जनता मछली-भात खाती है तो उत्पादन क्यों नहीं होगा। ममता बनर्जी राजनीति करते हुए यह भी व्यवस्था नहीं कर पाईं कि बंगाल की जनता को मछली-भात खिलाया जा सके। हम बंगाल के लोगों को मछली-भात जरूर खिलाएंगे।
दिलीप घोष ने आगे कहा कि आज भी इंडस्ट्री लगाने के लिए उद्योगपति उत्सुक हैं। हमारी सरकार इसको लेकर प्रदेश में अच्छा वातावरण बनाएगी। सब लोगों को काम करने का मौका मिलेगा। गौरतलब है कि कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में 9 मई को बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। जहां सुवेंदु अधिकारी बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिए। उनके साथ दिलीप घोष ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
शपथ ग्रहण से पहले शुक्रवार, 8 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में अमित शाह ने विधायक दल के नेता के रूप में सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया था। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नियमों के अनुसार लोक भवन पहुंचे थे। जहां, उन्होंने राज्यपाल आरएन रवि के सामने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद 9 नई को उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया।