Pradosh Vrat: आज वैशाख के अंतिम प्रदोष व्रत की पूजा में यह आरती बिल्कुल न भूलें, वरना निष्फल जाएगी पूजा

Pradosh Vrat Aarti Rules: आज वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है, लेकिन पूजा के दौरान आरती करना बेहद जरूरी माना गया है।
Vaishakh Pradosh Vrat Aarti
भगवान शिव(Source. Pinterest)
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Vaishakh Pradosh Vrat Aarti: आज 28 अप्रैल 2026 को वैशाख महीने के आखिरी प्रदोष व्रत है। हिंदू धर्म में शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत को शुभ बताया गया है। प्रदोष व्रत के दिन शिव भक्त पूरे दिन व्रत रखकर शाम के समय यानी 'प्रदोष काल' में महादेव का अभिषेक और पूजन करते हैं।

लेकिन, शास्त्रों में बताया गया है कि, किसी भी पूजा या अनुष्ठान के अंत में अगर आरती न की जाए, तो वह पूजा अधूरी रह जाती है। ऐसे में आइए भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत पर उनकी आरती करते हैं, जो इस प्रकार हैं -

।।शिव जी की आरती।।

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

।।माता पार्वती की आरती।।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा

देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता

सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता

गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।

जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।