
बसंत पंचमी पर अमृत स्नान (सौ.सोशल मीडिया)
Amrit Snan on Basant panchmi: प्रयागराज में महाकुंभ का दौर जहां पर चल रहा है वहीं पर इस धार्मिक समागम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालुओं का मेला लगा हुआ है। महाकुंभ में अगला अमृत स्नान अब बसंत पंचमी के मौके पर किया जाएगा। इस स्नान की तिथि से लेकर अमृत स्नान का क्या महत्व होगा चलिए जानते है आज के इस लेख के साथ…
आपको बताते चलें कि, बसंत पंचमी पर वैदिक पंचाग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर होने वाली है वहीं पर 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। बताया जा रहा है कि, उदया तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी का पर्व 2 फरवरी को मनाया जाएगा। इसके अलावा महाकुंभ में अमृत स्नान का महत्व होता है जो इस बार बसंत पंचमी पर होगा।
इस स्नान का शुभ मुहुर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा. इस दौरान पवित्र संगम में स्नान स्नान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
यहां पर महाकुंभ में शुभ तिथियों पर अमृत स्नान किया जाता है इस दौरान कई नियम होते है जिनका पालन करना जरूरी है। महाकुंभ में सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं. नागा साधुओं को स्नान करने की प्राथमिकता सदियों से चली आ रही है। नागा साधुओं के बाद गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए स्नान का महत्व होता है। नागा साधुओं के बाद यहां पर गृहस्थ लोग स्नान करते है। यहां पर स्नान करते हुए 5 बार डुबकी लगाना चाहिए इसके बाद ही स्नान करना चाहिए।
बसंत पंचमी की खबरें जानने की क्लिक करें-
यहां पर बसंत पंचमी के बाद अब अगला और चौथा महास्नान माघ पूर्णिमा के दिन यानी बुधवार, 12 फरवरी 2025 को किया जाएगा। इस दौरान भी नागा साधु और आम श्रद्धालु स्नान करते है। इसके अलावा महाशिवरात्रि के खास मौके पर 26 फरवरी 2025 के दिन महाकुंभ का आखिरी महास्नान होगा।






