
अपराजिता के पौधे का ज्योतिषीय महत्व (सौ.सोशल मीडिया)
Aparajita Flower Vastu: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अपराजिता के फूल का बड़ा ही महत्व है। मान्यता है कि जिस घर में अपराजिता का पौधा सही विधि और स्थान पर लगाया जाता है, वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है। यह पौधा न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वास्तु और आयुर्वेद के लिहाज से भी बहुत लाभकारी है। आइए जानिए अपराजिता का फूल क्यों माना जाता है शुभ?
अपराजिता के फूल बहुत चमत्कारी होते हैं और आकर्षक नीली आभा से हर ओर सकारात्मकता का संचार करते हैं। वैसे ये फूल कई और रंगों में मौजूद होते हैं।
हिंदू मान्यता है कि भगवान विष्णु और शनिदेव को अपराजिता के फूल अति प्रिय हैं। अपराजिता के फूल से लेकर इसके पौधे को ज्योतिषीय से लेकर वास्तु उपायों के लिए उपयोग में लाया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपराजिता का पौधा जिस घर में लगाया जाता है वहा पर विष्णु जी और मां लक्ष्मी का वास होता है। इसके साथ ही घर पर शनिदेव की क्रूर दृष्टि नहीं पड़ती है। आर्थिक परेशानियां खत्म होने लगती है और करियर के लिए की गई मेहनत सफल होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अति पवित्रों फूलों में से एक अपराजिता के फूल को हर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को अर्पित करने से और हर शुक्रवार के दिन लक्ष्मी जी को अर्पित करने से भाग्य बतेज होता है और धन की दिक्कत दूर होती है।
वास्तु शास्त्र में अपराजिता का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला पौधा है। विशेषज्ञों की मानें तो घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में इस पौधे को लगाना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा और घर में शांति का माहौल बना रहेगा।
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वास्तु के अनुसार, घर के ईशान कोण में यानी उत्तर-पूर्व दिशा में अगर अपराजिता का पौधा लगाएं तो इसके लाभ तुरंत दिखने लगेंगे। सुख, शांति और समृद्धि का पूरे घर में संचार होगा। यह दिशा अति शुभ मानी जाती है और देवी-देवताओं की दिशा कही जाती है।






