- Hindi News »
- Religion »
- After All Why Rakhi Is Not Tied On Brothers Wrist During Bhadra Period
आखिर भद्रा काल में क्यों नहीं बांधी जाती है भाई की कलाई पर राखी, जानिए क्या है भद्रा
हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में ही भाइयों के कलाई में राखी बांधनी चाहिए। भद्रा मुहूर्त ने कभी भी राखी नहीं बांधनी चाहिए। आइए जानें आखिर क्यों भद्रा मुहूर्त में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी

क्यों नहीं बांधनी चाहिए भद्रा काल में राखी (सौ.सोशल मीडिया)
Rakshabandhan 2025 : कल पूरे देशभर में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व ‘रक्षाबंधन’ मनाया जा रहा है। यह त्योहार हर साल सावन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबंधन का सनातन धर्म में बड़ा महत्व है। जैसा कि, आप सब जानते है कि, इस पावन तिथि पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। राखी एक ऐसा पवित्र धागा, जिसमें उनका स्नेह, आशीर्वाद और सुरक्षा की मंगलकामना बंधी होती है।
भाई भी जीवनभर उसकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं और यह रिश्ता और भी मजबूत हो जाता है। यह केवल एक रिवाज नहीं, बल्कि आत्मीयता और समर्पण का भाव भी है, जो हर साल इस दिन को बेहद खास बना देता है।
हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में ही भाइयों के कलाई में राखी बांधनी चाहिए। भद्रा मुहूर्त ने कभी भी राखी नहीं बांधनी चाहिए। आइए जानें आखिर क्यों भद्रा मुहूर्त में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
खजूर से ही क्यों तोड़ा जाता है रोज़ा? रोज़ा रखने के पीछे की असली वजह भी जानिए
2026 में कब से शुरू हो रहा है रोज़ा? जानिए सही तारीख़ और रोज़े के दौरान क्या करें और क्या नहीं?
सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करना होता है जरूरी? जानिए सदियों से चली आ रही वैज्ञानिक परंपरा और नियम
शुरू हो चुका है ‘अग्नि पंचक’, इन 5 दिनों में क्या न करें नोट कीजिए, वरना पड़ सकता है भारी
क्यों नहीं बांधनी चाहिए भद्रा काल में राखी
सनातन धर्म में भद्रा मुहूर्त में राखी बांधने की मनाही होती है। इसका मुख्य कारण एक पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि रावण की बहन शूर्पणखा ने रावण को भद्रा काल में राखी बांधी थी और कुछ ही समय बाद रावण का अंत हो गया था। इसलिए यह माना जाता है कि भद्रा काल में बांधी गई राखी, रक्षा का नहीं बल्कि अनिष्ट का कारण बन सकती है।
हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, राखी कोई साधारण धागा नहीं है। यह प्रेम, सुरक्षा और आशीर्वाद का प्रतीक है। जब बहन यह धागा बांधती है, तो वह ईश्वर से अपने भाई के लिए निर्भय जीवन और शुभ भविष्य की कामना करती है। ऐसे पवित्र संकल्प के लिए शुभ समय का होना आवश्यक है।
रक्षाबंधन के दिन चंद्र देव, शिव जी और विष्णु भगवान की विशेष कृपा होती है। अगर हम भद्रा काल में राखी बांधते हैं, तो यह शुभ ऊर्जा हम तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती। इसलिए पंचांग देखकर, भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधना शुभ और फलदायी माना गया है।
कौन हैं भद्रा
आपको बता दें, पुराणों में बताया गया है कि भद्रा देवी, शनि देव की बहन हैं। भद्रा का स्वभाव बहुत तेज और गुस्से वाला माना जाता है। कहा जाता है कि जब वह रुष्ट होती हैं, तो अच्छे कार्यों में विघ्न डाल देती हैं। इसलिए जब भद्रा काल होता है, तब शुभ और पवित्र काम करने से रोका जाता है।
क्या है भद्रा
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, भद्रा कोई इंसान नहीं, बल्कि एक खास समय होता है। इसे ‘विष्टि करण’ भी कहा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह समय बहुत ही संवेदनशील और अशुभ माना जाता है।
भद्रा दिन या रात किसी भी समय आ सकती है। इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या राखी बांधने जैसे मांगलिक कार्य करनी की मनाही होती है। क्योंकि ऐसा माना गया है कि इस समय किए गए कार्यो का फल ठीक नहीं मिलता।
ये भी पढ़ें–आज है ‘वरलक्ष्मी व्रत’, रात में करें ये उपाय, माता लक्ष्मी होंगी प्रसन्न, बरसेगा धन-दौलत
ज्योतिष बताते है कि, भद्रा काल में राखी न बांधने का नियम कोई डर फैलाने की बात नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति की गहराई और समय की पवित्रता को समझाने वाला एक संकेत है। रक्षाबंधन केवल एक रेशमी धागा बांधने की रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के स्नेह, आशीर्वाद और सुरक्षा के वचन का त्योहार है।
After all why rakhi is not tied on brothers wrist during bhadra period
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती: मुंबई जैसे तटीय शहरों पर खतरा, 2030 तक 50% हरित ऊर्जा का लक्ष्य
Feb 17, 2026 | 07:14 PMखजूर से ही क्यों तोड़ा जाता है रोज़ा? रोज़ा रखने के पीछे की असली वजह भी जानिए
Feb 17, 2026 | 07:10 PMखेत में मवेशियों के बीच पढ़ता दिखा 8वीं का छात्र, नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट प्रताप शिवंगेकर का वीडियो वायरल
Feb 17, 2026 | 06:56 PMAjit Pawar Plane Crash: टेल सुरक्षित तो ब्लैक बॉक्स कैसे जला? AAIB की जांच पर अमोल मिटकरी के सवालों से हड़कंप
Feb 17, 2026 | 06:54 PM‘ईरान को मिटाने का सपना छोड़ दें ट्रंप’, खामेनेई ने दी US को धमकी; अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में डुबो देंगे
Feb 17, 2026 | 06:53 PMऑस्ट्रेलिया भुगत रहा अपनी करनी का फल, जानें कब-कब कंगारू टीम हुई वर्ल्ड कप के पहले राउंड से बाहर?
Feb 17, 2026 | 06:51 PM2026 में कब से शुरू हो रहा है रोज़ा? जानिए सही तारीख़ और रोज़े के दौरान क्या करें और क्या नहीं?
Feb 17, 2026 | 06:44 PMवीडियो गैलरी

धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल से टली सुनवाई, 18 फरवरी को कोर्ट में खुलेगा एएसआई सर्वे का राज
Feb 17, 2026 | 01:31 PM
इंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PM
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM












