'ईरान को मिटाने का सपना छोड़ दें ट्रंप', खामेनेई ने दी US को धमकी; अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में डुबो देंगे

Khamenei Warns Trump: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य शक्ति का मजाक उड़ाते हुए युद्धपोतों को डुबोने की सीधी चेतावनी दी
Trump should give up his dream of destroying Iran, Khamenei threatens the US; he will sink American warships.
ट्रम्प और खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran US Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। 17 फरवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उन पर जोरदार प्रहार किया है। खामेनेई ने न केवल अमेरिकी सैन्य शक्ति का मजाक उड़ाया बल्कि खाड़ी में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की सीधी धमकी भी दे डाली है।

जेनेवा वार्ता और ट्रंप की 'बुलींग' नीति

वर्तमान में जेनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता चल रही है। वाशिंगटन का तेहरान पर भारी दबाव है कि वह अपनी परमाणु शक्ति और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह सरेंडर कर दे। ट्रंप ने इस वार्ता को लेकर कहा था कि वे इसमें अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहेंगे और तेहरान को 'परिणाम भुगतने' की चेतावनी दी थी। ट्रंप की इसी 'बुलींग' नीति पर दहाड़ते हुए खामेनेई ने कहा कि अमेरिका को ईरान को तबाह करने का ख्वाब अब छोड़ देना चाहिए।

'युद्धपोत से ज्यादा खतरनाक हमारे हथियार'

खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए अमेरिकी घमंड को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार कहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है लेकिन इस शक्ति को भी कभी-कभी ऐसा झटका लग सकता है कि वह दोबारा उठ न पाए। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य उपकरण है लेकिन ईरान के पास ऐसे हथियार मौजूद हैं जो इन युद्धपोतों को समुद्र की गहराई में डुबो सकते हैं।

47 वर्षों की विफलता का जिक्र

खामेनेई ने ट्रंप के ही एक पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्हें आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया है कि 47 वर्षों से अमेरिका इस्लामी गणराज्य (ईरान) को समाप्त करने में सक्षम नहीं रहा है। खामेनेई ने जोर देकर कहा कि यह एक सच्चा कबूलनामा है और मैं कहता हूं कि आप भविष्य में भी ईरान को कभी नहीं झुका पाएंगे।

ट्रंप की बी-2 मिसाइल वाली धमकी

यह पूरा विवाद ट्रंप के उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने याद दिलाया था कि अमेरिका ने पहले भी ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं। ट्रंप ने कहा था कि उन्हें बी-2 मिसाइलें भेजकर ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट करना पड़ा था और उन्हें उम्मीद है कि ईरान अब समझदारी से बात करेगा। हालांकि, खामेनेई के ताजा रुख ने साफ कर दिया है कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है जिससे मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट तेज हो गई है।

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