
पुलिस हिरासत में ब्रिटिश नागरिक। प्रतीकात्मक इमेज-एआई
Rajasthan Latest News : राजस्थान के अजमेर जिला स्थित पवित्र तीर्थ नगरी पुष्कर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां दो ब्रिटिश पर्यटकों को भारत सरकार ने तुरंत देश छोड़ने का फरमान सुनाया है। विदेशी पर्यटकों पर आरोप है कि उन्होंने पुष्कर की सार्वजनिक जगहों पर इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन के समर्थन वाले पोस्टर लगाए, जो कि उनके वीजा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
ब्रिटिश नागरिक लुईस गैब्रियल और उनकी महिला मित्र अनुशी एम्मा टूरिस्ट वीजा पर भारत की यात्रा पर थे। यह मामला 21 जनवरी का है, जब स्थानीय खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला कि पुष्कर के वराह घाट और आसपास की गलियों में फ्री फिलिस्तीन जैसे राजनीतिक संदेशों वाले पोस्टर लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो इस ब्रिटिश जोड़े की संदिग्ध भूमिका सामने आई।
जांच में पाया गया कि ये दोनों पर्यटक भारत में पर्यटन के बजाय प्रतिबंधित राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे थे। भारतीय कानून के तहत टूरिस्ट वीजा पर आए किसी भी विदेशी नागरिक को मेजबान देश की धरती पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रदर्शन, प्रचार या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने इसे सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टिकोण से गंभीर मानते हुए दोनों का वीजा रद्द कर दिया और उन्हें लीव इंडिया नोटिस थमा दिया।
पुष्कर केवल हिंदुओं का पवित्र स्थल ही नहीं है, बल्कि यह इजरायली पर्यटकों के लिए भी बड़ा केंद्र है। यहां स्थित चाबद हाउस (इजरायली धार्मिक केंद्र) के कारण साल भर बड़ी संख्या में यहूदी पर्यटक यहां आते हैं। इजरायल-हमास युद्ध के चलते पहले से यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। ऐसे में किसी विदेशी द्वारा इजरायल विरोधी प्रचार करना स्थानीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता था।
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प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी का उपयोग किसी भी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक एजेंडे या नफरत फैलाने के लिए नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के मुताबिक दोनों ब्रिटिश नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के अंदर भारत छोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।






