
AAP नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या(Image- Social Media)
AAP Leader Lucky Oberoi Shot Dead: पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई, जहां हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। लक्की ओबोराय के शरीर में करीब पांच गोलियां लगीं।
गोलीबारी के बाद उन्हें गंभीर हालत में तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावरों ने उनकी कार को भी निशाना बनाया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए और कार गोलियों से छलनी हो गई।
जानकारी के अनुसार, लक्की ओबोराय रोजाना की तरह सुबह करीब 8:15 बजे गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान गुरुद्वारे के बाहर घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर थार गाड़ी में सवार थे और उन्होंने 7 से 8 राउंड फायर किए, जिनमें से कुछ गोलियां लक्की की छाती और सिर में लगीं।
इस घटना ने पंजाब में पहले हुई हाई-प्रोफाइल हत्याओं की याद दिला दी है। इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं में कई प्रमुख हस्तियां मारी जा चुकी हैं, जिनमें मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी शामिल है, जिन्हें कार के अंदर ही गोलियों से भून दिया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। गुरुद्वारे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमलावर कौन थे और लक्की ओबोराय को क्यों निशाना बनाया गया।
इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुरानी रंजिश, किसी बदमाश गिरोह की संलिप्तता या वारदात की जिम्मेदारी लेने वाले किसी गैंग के एंगल समेत सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
हत्या की खबर सामने आने के बाद बाजवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या ने एक भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है?”
यह भी पढ़ें- लूट, हत्या से लेकर डकैती तक के 90 मामले…दिल्ली के रिहान का UP पुलिस ने किया एनकाउंटर, 50 हजार का था ईनाम
उन्होंने आगे सवाल उठाया, “आज पंजाब डर, गिरोह हिंसा और प्रशासनिक ठहराव की चपेट में है, जबकि AAP सरकार सिर्फ जनसंपर्क और बहानेबाजी में लगी हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना चाहिए कि कानून-व्यवस्था के इस पूर्ण पतन के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है?”






