
Minor Girl Harassment Malad प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Minor Girl Harassment Malad: मुंबई के मालाड इलाके से एक विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 47 वर्षीय व्यक्ति द्वारा 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा का पीछा करने और उसके साथ अश्लील हरकतें करने का मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने न केवल छात्रा को मोबाइल पर अश्लील फिल्में दिखाईं, बल्कि उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश भी की। मालाड पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना 20 जनवरी से 22 जनवरी 2026 के बीच की है। पीड़िता, जो सातवीं कक्षा की छात्रा है, मालाड के लिबर्टी गार्डन इलाके में ट्यूशन पढ़ने जाती थी। आरोपी पिछले कई दिनों से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था और मौका मिलते ही उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, जब छात्रा दोपहर के समय ट्यूशन से घर लौट रही थी, तब आरोपी सुनील शंकर पवार ने उसे बीच रास्ते में रोका। उसने छात्रा का हाथ पकड़कर उसे अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने छात्रा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। डरी-सहमी छात्रा किसी तरह वहां से बचकर निकली और घर पहुँचकर अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मालाड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
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शिकायत दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चौहान ने एक विशेष ‘गुन्हे प्रकटीकरण पथक’ (Detection Squad) तैयार किया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना था क्योंकि वह इलाका काफी व्यस्त रहता है।
40-50 कैमरों की जांच: पुलिस ने लिबर्टी गार्डन से लेकर कांदिवली तक के लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
पहचान और गिरफ्तारी: फुटेज में आरोपी का हुलिया स्पष्ट होने के बाद तकनीकी विश्लेषण की मदद से उसका लोकेशन ट्रैक किया गया। दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने कांदिवली (पश्चिम) के एकता नगर स्थित म्हाडा कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर आरोपी को उसके घर से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी सुनील शंकर पवार (47) पर भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) और पोक्सो (POCSO) अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
BNS धाराएं: 74 (महिला की लज्जा भंग करना), 75 (यौन उत्पीड़न), 78 (पीछा करना), और 79 (अश्लील हरकतें)।
POCSO धाराएं: धारा 10 और 12 (नाबालिग के साथ यौन हमला और उत्पीड़न)।
मालाड पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके बच्चों के साथ ऐसी कोई भी संदिग्ध घटना होती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस सफल कार्रवाई में पीएसआई निलोबा जक्कालवड और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






