राम मंदिर चंदा विवाद से लेकर वक्फ बोर्ड तक, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

UP Politics: समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने राम मंदिर चंदा विवाद, बद्रीनाथ मंदिर, वक्फ बोर्ड और राज्यपाल के बयान को लेकर केंद्र व यूपी सरकार पर निशाना साधा।
From the Ram Mandir donation controversy to the Waqf Board, SP MP Virendra Singh targeted the government.
विरेंद्र सिंह (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

SP Virendra Singh On Ram Mandir Donation: समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने राम मंदिर चंदा विवाद, बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले, वक्फ बोर्ड और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बयान समेत कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे मामले के लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

वीरेंद्र सिंह ने धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा विवाद से ध्यान हटाने के लिए अन्य मुद्दों को उछाला जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने वक्फ बोर्ड में हुए बदलाव और राज्यपाल के लव मैरिज संबंधी बयान पर भी अपनी पार्टी का विरोध दर्ज कराया। सपा सांसद ने कहा कि आस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े मामलों में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

राम मंदिर दाम विवाद पर सरकार को घेरा

राम मंदिर से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समय के साथ लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जिन लोगों को भगवान राम के नाम पर मिले चढ़ावे और दान की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं।

अब देश की जनता को तय करना होगा कि वह चंदा चोरी के आरोपों के साथ खड़ी होगी या उन लोगों के साथ जो इन मामलों को उजागर कर रहे हैं। इसका असर यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।

धार्मिक से जुड़े मामलों में जवाबदेही की मांग

सपा सांसद ने कहा कि यदि जांच एजेंसियां वास्तव में पूरे मामले की तह तक पहुंचना चाहती हैं तो केवल निचले स्तर पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा। जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए। केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि कथित अनियमितताओं की जड़ों तक पहुंचना आवश्यक है। यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है और भविष्य में इससे जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।

वक्फ बोर्ड और नए कानून पर सपा सांसद का हमला

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विपक्ष पर वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर चुप रहने और चंदे के मामले पर बोलने संबंधी टिप्पणी पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जिसका गठन सरकार करती है और उसके नियम-कानून भी सरकार ही तय करती है। सरकार स्वयं वक्फ बोर्ड के संचालन और व्यवस्था की जिम्मेदार है, इसलिए उसे उसी के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए।

राम मंदिर चंदा विवाद से ध्यान हटाने के लिए वक्फ का मुद्दा उठाया जा रहा है, जबकि जनता की आस्था से जुड़े प्रश्नों का जवाब दिया जाना चाहिए। हिंदू समाज की भावनाएं इस विवाद से आहत हुई हैं और लोग कथित अनियमितताओं के खिलाफ जवाब चाहते हैं।

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार को घेरा

बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित मामले और श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की कार्रवाई पर सपा सांसद ने कहा कि लगातार धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान को लेकर विवाद सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।

जो लोग वर्षों से सनातन धर्म और धार्मिक मूल्यों की बात करते रहे, आज उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं। यह केवल धन की नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है। देश के सभी प्रमुख देवस्थानों की प्रबंधन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए ताकि यदि कहीं कोई अनियमितता हो तो उसे उजागर कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

राज्यपाल के बयान पर जताई आपत्ति

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लव मैरिज संबंधी बयान पर भी वीरेंद्र सिंह ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को समाज के सामने ऐसे उदाहरण रखने चाहिए जो युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक हों।

समाज में हर तरह के लोग होते हैं, लेकिन किसी भी टिप्पणी में महिलाओं या लड़कियों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्यपाल की इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करती।

वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल करने पर सवाल

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही वक्फ कानून में कई संशोधन कर चुकी है। इन संशोधनों का विपक्षी दलों ने संसद में विरोध किया था, लेकिन सरकार ने अपने बहुमत के आधार पर कानून पारित कराया।

जब सरकार ने कानून में बदलाव किया है तो उसी के अनुरूप वह बोर्ड की संरचना और सदस्यों की नियुक्ति भी करेगी। ऐसे में इस फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करने का कोई विशेष कारण नहीं है, क्योंकि यह सरकार द्वारा बनाए गए नए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही किया गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com