
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता,
नई दिल्ली : दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर से शीशमहल की चर्चा तेज हो गई है। वह आलीशान बंगला जिसे विपक्ष ने ‘शीशमहल’ का नाम दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इस्तेमाल किए गए बंगले में नहीं रहेंगी। उन्होंने इस बंगले को जनता की गाढ़ी कमाई से बना ऐशोआराम का प्रतीक बताया और कहा कि वहां रहना उनकी आत्मा को स्वीकार नहीं।
न्यूज 24 को दिए गए एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शीशमहल जैसे आलीशान बंगले का इस्तेमाल केवल जनता के भले के लिए होगा। उन्होंने इसको लेकर तीन बड़े विकल्प गिनाए। पहले विकल्प में स्टेट गेस्ट हाउस की बात कही। चूंकि दिल्ली का अपना कोई स्टेट गेस्ट हाउस नहीं है, इसलिए इस बंगले को उसी में तब्दील किया जा सकता है।
दूसरे विकल्प में सीएम रेखा गुप्ता ने नीलामी की बात की। इस बंगले की नीलामी कर उसके जरिए मिले पैसे को सरकारी खजाने में जमा किया जा सकता है। वहीं तीसरे विकल्प में उन्हेंने कहा कि इसे जनता के लिए खोला जाएगा। इसे आम जनता के लिए एक खुला स्थल बनाया जा सकता है, ताकि लोग इसे देख सकें और समझ सकें कि उनके टैक्स का पैसा कैसे खर्च हुआ।
रेखा गुप्ता ने इससे पहले यह भी संकेत दिया था कि इस बंगले को म्यूजियम में बदला जा सकता है, जहां लोग आकर देख सकें कि सत्ता के दुरुपयोग से कैसे आम जनता के पैसे को फिजूल खर्च किया गया। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “जो बंगला जनता के पैसे से बनवाया गया है, जिसमें ऐशोआराम के नाम पर करोड़ों रुपये फूंक दिए गए, वहां रहना नैतिक रूप से सही नहीं है। हमारी आत्मा भी यह गवाही नहीं देती कि हम उस घर में रहें।”
दिल्ली की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि फिलहाल वह अपने पुराने घर में ही रह रही हैं और वहीं से मुख्यमंत्री कार्यालय का कामकाज चला रही हैं। उन्होंने कहा कि गली में टेबल-कुर्सी लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं, और जब तक कोई उपयुक्त सरकारी आवास नहीं मिलता, वे इसी तरह कार्य करती रहेंगी।






