मुंबई के प्राकृतिक तालाब बनेंगे पर्यटन केंद्र, बीएमसी की पुनर्जीवन योजना

BMC Mumbai के प्राकृतिक तालाबों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। बांद्रा स्थित स्वामी विवेकानंद सरोवर के पुनरुद्धार पर 215.6 करोड़ खर्च होंगे।
BMC lake revival project Mumbai
BMC लेक रिवाइवल प्रोजेक्ट मुंबई (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Lake Revival Project By BMC: बीएमसी मुंबई के प्राकृतिक तालाबों को पर्यटन स्थलों के रूप में पुनर्जीवित करने की योजना बना रही है।

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि इस परियोजना के लिए धनराशि निजी कंपनियों से उनके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के माध्यम से जुटाई जाएगी।

अधिकारी के अनुसार पुनर्जीवन परियोजना पर चर्चा अभी प्रारंभिक चरण में है और इसके विवरण अभी तय किए जाने बाकी हैं। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट और अन्य एजेंसियों के अंतर्गत आने वाले तालाबों को भी इस परियोजना में शामिल किया जाएगा। बीएमसी ने पहले ही इन एजेंसियों को पत्र लिखकर उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले तालाबों का विवरण मांगा है।

शहर में अतिक्रमण ने घटाई तालाबों की संख्या

पांच दशक पहले मुंबई में लगभग 300 तालाब थे। हालांकि, अतिक्रमण के कारण धीरे-धीरे इनमें से अधिकांश गायब हो गए। वर्ष 2009 में, एक निजी संगठन ने मुंबई के तालाबों का सर्वेक्षण किया, जिसमें केवल 85 तालाब (बड़े और छोटे) शेष पाए गए। इनमें से कई तालाबों पर भी अतिक्रमण हो चुका है और उन्हें भर दिया गया है।

अब मुंबई में तालाबों की कुल संख्या घटकर 50 से भी कम रह गई है, जिनमें केवल 17 बड़े प्राकृतिक तालाब बचे हैं। इनका उपयोग मूर्तियों के विसर्जन के लिए किया जाता है। कुछ साल पहले, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बीएमसी को अपने सभी प्राकृतिक जल निकायों को संरक्षित करने का आदेश दिया था। पुनर्जीवन में सौंदर्याकरण के साथ-साथ वैज्ञानिक उपचार के माध्यम से जल गुणवत्ता में सुधार भी शामिल होगा।

नई शुरूआत, 18 महीने में पूरी की जाएगी परियोजना

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना 18 महीनों में पूरी की जाएगी, हालांकि मानसून अवधि को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि इस पहल से न केवल जल गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे बांद्रा तालाब के लिए यह फैसला एक नई शुरुआत माना जा रहा है।

कुछ तालाब, जैसे बांदा तालाब, क्षेत्र की विरासत का हिस्सा है। तालाबों के पुनर्जीवन के दौरान हम इस विरासत और सास्कृतिक मूल्य को और बढ़ाएंगे।

- बीएमसी अधिकारी

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

  • शहर के तालाबों को पुनर्जीवित करने पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी उत्सुकता दिखाई है और वह लगातार बीएमसी से इस संबंध में जानकारी लेते रहते हैं।
  • बांद्रा पश्चिम स्थित ऐतिहासिक बांद्रा तालाब (स्वामी विवेकानंद सरोवर) के कायाकल्प का रास्ता साफ हो गया है। बीएमसी ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को मंजूरी दे दी है और काम का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
  • लगभग 200 वर्ष पुराने ग्रेड-II हेरिटेज दर्जे वाले इस तालाब के पुनरुद्धार पर करीब 215। 6 करोड़ खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत तालाब की डी-वॉटरिंग और डी-सिल्टिंग की जाएगी ताकि वर्षों से जमी गाद और प्रदूषित पानी हटाया जा सके।
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