

Sambhajinagar Eye Surgery Workshop: छत्रपति संभाजीनगर नेत्र शल्य चिकित्सा विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है व मरीजों को बेहतर सेवा मिलती है, ऐसा अधिष्ठाता डॉ. शिवाजी सुक्रे ने कहा। सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (घाटी) में औरंगाबाद नेत्र रोग विशेषज्ञ संघ व महाराष्ट्र नेत्र रोग सोसाइटी के संयुक्त प्रयास में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए हैं ऑन कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसका उद्घाटन डॉ. सुक्रे नई किया, इस मौके पर अत्याधुनिक डिजिटल टीचिंग बोर्ड का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में डॉ. ऋषिकेश नायगावकर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, उपअधिष्ठाता डॉ. प्रभा खैरे, विशेष कार्य अधिकारी डॉ. सुरेश हरबडे, डॉ. अजय सांबरे, डॉ. अजय लोहिया व डॉ. हेमंत अनासपुरे मौजूद थे।
विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वरे ने परिचय दिया, संयोजन डॉ. संगीता पाटिल व डॉ. महेश सोनपेठकर ने किया तथा संचालन डॉ. सनिरा वाघमारे ने, डॉ. अनुपमा कोकाटे ने आभार माना।
विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे उपक्रमों से शिक्षा गुणवत्ता मजबूत होती है व भविष्य में नेत्र रोगियों को अधिक सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
कार्यशाला में लातूर, जलगांव व सोलापुर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, एमजीएम, डॉ. विठ्ठलराव विखे पाटिल, प्रवर व नूर मेडिकल कॉलेज के 65 छात्रों ने भाग लिया।
उनको अत्याधुनिक उपकरणों से प्रशिक्षण दिया गया, स्लिट लैम्प परीक्षण, इंट्राविट्रियल इंजेक्शन तथा उन्नत फेकोइमल्सिफिकेशन तकनीकों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया।