Ayurvedic Spices: सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं हैं ये 7 आयुर्वेदिक मसाले, जानिए इनके जबरदस्त फायदे
Indian Spices: आयुर्वेद में भारतीय रसोई में मौजूद मसालों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। हमारे घरों में भी जब भी कोई हल्की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है, तो इसका दवा रसोई में रखे मसालों से ही मिल जाती है। जानिए मसालों में मौजूद गुणों के बारे में।
- Written By: रीता राय सागर
इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे वात, पित्त और कफ- तीनों दोषों के बीच संतुलन बनाए रखने में बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पाचन में सुधार करती है, एंटीसेप्टिक का काम करती है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालती है। इलायची एसिडिटी कम करने, सांस नली को सुरक्षित रखने और अपनी खुशबू से मूड को बेहतर बनाने में भी मदद करती है।
दालचीनी एक मीठा और शरीर को गर्माहट देने वाला मसाला है, जिसमें बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को सही रखने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है। दालचीनी एनर्जी, पाचन और इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मददगार है। इसकी खुशबू मन को शांत करती है और तनाव को दूर करती है।
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लौंग में एंटीसेप्टिक और दर्द कम करने वाले गुण होते हैं। आयुर्वेद में मुंह की सेहत, पाचन से जुड़ी समस्याओं और सांस की तकलीफों के लिए लौंग का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ये ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने, मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाने और तनाव कम करने में भी मदद करती हैं।
अदरक अपने पाचन और शरीर को गर्म रखने वाले गुणों के कारण एक आयुर्वेदिक दवा माना जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और भूख बढ़ाता है। साथ ही जी मिचलाने, पेट फूलने और अपच जैसी समस्याओं में भी मदद करता है। अदरक बंद नाक और गले की खराश के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
जीरा को पाचन के लिए सबसे बेहतर औषधि माना जाता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है, पेट फूलने की समस्या को कम करता है। जीरे में आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। यह मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाता है और शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है।
हल्दी को आयुर्वेद में एक 'गोल्डन मसाला' माना जाता है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसमें मौजूद 'करक्यूमिन' नाम का एक्टिव कंपाउंड इम्यूनिटी और जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक रहने वाली सूजन से लड़ने में मदद करता है। हल्दी त्वचा को साफ़ रखती है और पाचन में भी मदद करती है।
काली मिर्च एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक मसाला है, जो त्वचा को साफ करने का काम करता है। काली मिर्च श्वसन अवरोध को दूर कर सकती है, वजन घटाने में सहायक है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है। इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए यह कफ दोष को संतुलित करने में बहुत कारगर है।
