Odisha: 30 किमी दूर था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं मिला इलाज, खिलौना निगलने से गई बच्चे की जान

Child Died: ओड़िशा के कंधमाल जिले में चिप्स के पैकेट से निकला एक छोटा प्लास्टिक का खिलौना निगलने और समय पर इलाज न मिलने के कारण चार साल के बच्चे बिगिल प्रधान की जान चली गई।
Child Died
सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Child Died After Swallowing A Toy: ओडिशा के कंधमाल जिले से एक बेहद दु:खद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक मासूम बच्चे की मौत का कारण कोई बड़ी बीमारी या दुर्घटना नहीं एक खिलौना बना। यह खिलौना बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय चिप्स के पैकेट के अंदर मिला था। दुर्भाग्यवश बच्चे ने खेलते समय इस खिलौने को निगल लिया, अस्पताल 30 किलोमीटर दूर होने के कारण समय पर सही इलाज न मिल पाने के कारण उसकी जान चली गई।

खिलौना बना मौत का कारण

यह दर्दनाक घटना कंधमाल जिले में रहने वाले चार साल के बिगिल प्रधान के साथ हुई। दरअसल, बिगिल के पिता रंजीत प्रधान घर में चिप्स का एक पैकेट लाए थे। जैसा कि अक्सर होता है, इस पैकेट के अंदर चिप्स के साथ प्लास्टिक की एक छोटी-सी बंदूक जैसा खिलौना भी निकला। मंगलवार को बिगिल इसी खिलौने से खेल रहा था, और खेलते-खेलते उसने गलती से उसे निगल लिया।

सांस की नली में फंस गया खिलौना

जैसे ही बच्चे ने खिलौना निगला, वह बुरी तरह रोने लगा और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। माता-पिता ने तुरंत समझा कि कोई चीज उसके गले में फंस गई है और उन्होंने उसे निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। असल में, वह छोटा प्लास्टिक का खिलौना बच्चे की सांस की नली (Windpipe) में बुरी तरह से अटक गया था। इस वजह से बिगिल का दम घुटने लगा और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। माता-पिता के लिए यह स्थिति किसी बुरे सपने से कम नहीं थी।

इलाज ना मिलने से हुई मौत

बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए, माता-पिता तुरंत उसे अस्पताल ले जाने के लिए भागे। लेकिन, उनके गांव से सबसे नज़दीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भी लगभग 30 किलोमीटर दूर दारिंगबाड़ी में था। गांव से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में उन्हें काफी समय लग गया। जब वे दारिंगबाड़ी के सीएचसी पहुंचे, तो बहुत देर हो चुकी थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, डॉ. जाकेश सामंतराय ने इस बात की पुष्टि की कि खिलौना सांस की नली में फंसने की वजह से दम घुटने के कारण बच्चे की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी एक बड़ा मुद्दा है। अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने इस मामले की जानकारी ले ली है और जांच की जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com