
बेंगलुरु में दिन दहाड़े करोड़ों रुपए की लूट, फोटो- IANS
Bengaluru ATM Loot: कर्नाटक के बेंगलुरु में 20 नवंबर (मंगलवार) को अपराधियों ने एक बड़ी डकैती को अंजाम दिया। जयनगर के अशोक स्तंभ के पास दिनदहाड़े एटीएम फंड ले जा रही सीएमएस कैश वैन को रोककर करोड़ों रुपये लूट लिए गए। कंपनी ने पुलिस से अज्ञात डकैतों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सीएमएस इनफो सिस्टम्स लिमिटेड, एचबीआर लेआउट, बेंगलुरु में शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यरत विनोद चंद्रार ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। कंपनी प्रतिदिन जेपी नगर, एमजी टावर स्थित एचडीएफसी बैंक करेंसी चेस्ट से नकदी निकालकर बेंगलुरु के एचडीएफसी बैंक एटीएम में जमा करने के लिए अपने वाहन का उपयोग करती है।
शिकायत के अनुसार, 10 नवंबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे, कस्टोडियन आफताब की निगरानी में कंपनी की गाड़ी ड्राइवर विनोद कुमार और गनमैन राजन्ना व तम्मय्या के साथ बैंक के लिए निकली थी। दोपहर लगभग 12:24 बजे, उन्होंने जेपी नगर ‘एचडीएफसी करेंसी चेस्ट’ से 7,11,00,000 रुपए (सात करोड़ ग्यारह लाख रुपये) निकाले, जिसे डिब्बों में भरकर गाड़ी से ले जाया जा रहा था।
जब शिकायतकर्ता और सीएमएस एफआईटी मैनेजर फारूक पाशा अपनी शाखा में मौजूद थे, तब ड्राइवर बिनोद कुमार ने फारूक पाशा को फोन करके घटना की जानकारी दी। ड्राइवर ने बताया कि जयनगर अशोक स्तंभ होते हुए लालबाग सिद्धपुरा गेट की ओर जाते समय एक इनोवा कार ने उनकी टाटा योद्धा गाड़ी को रोक लिया। कार से लगभग 5–6 लोग उतरे। उन लोगों ने खुद को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से होने का दावा किया और कैश वैन के कर्मचारियों को गाड़ी से बाहर निकलने को कहा। डकैतों ने कस्टोडियन आफताब और गनमैन राजन्ना व तम्मय्या को जबरन अपनी इनोवा में बिठा लिया। इसके बाद, उन्होंने ड्राइवर को अकेले ही कैश गाड़ी चलाने के लिए कहा।
बाद में, पिस्तौल से लैस इन अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर ड्राइवर को धमकाया और डेयरी सर्कल फ्लाईओवर पर गाड़ी से पूरे 7.11 करोड़ रुपए लूट लिए और घटनास्थल से फरार हो गए। यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि अगवा किए गए तीनों कर्मचारियों को कहां ले जाया गया है।
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शिकायतकर्ता ने तुरंत गाड़ी का जीपीआरएस चेक किया और पाया कि गाड़ी होसुर रोड, डेयरी सर्कल के पास मौजूद है। जांच के दौरान यह पता चला कि डकैत टाटा योद्धा वाहन का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) भी अपने साथ ले गए हैं। पुलिस से अनुरोध किया गया है कि आरबीआई अधिकारी बनकर कर्मचारियों को धमकाने वाले अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की जाए और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।






