
मुंबई: बॉलीवुड में बीते दिनों एग फ्रीजिंग का चलन बढ़ा है। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा से लेकर मोना सिंह तक में एग फ्रीजिंग का सहारा लिया और वह बढ़ती उम्र के बावजूद इस तकनीक की वजह से मातृत्व सुख पाने की अपनी इच्छा को जिंदा रख पाई हैं। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं बल्कि कामकाज करने वाली सैकड़ो महिलाएं जो सही वक्त पर गर्भधारण करने में असमर्थ हैं, इस तकनीक का सहारा ले रही हैं अगर आप भी 30 के बावजूद अपने काम में व्यस्त हैं और आगे गर्भधारण करना चाहती हैं, तो इस तकनीक का फायदा उठा सकती हैं। हालांकि यह तकनीक थोड़ी महंगी है लेकिन अब धीरे-धीरे ही सही भारत में इसका चलन बढ़ रहा है।
30 की उम्र के बाद महिलाओं की प्रजनन की क्षमता कमजोर होने लगती है। ऐसे में गर्भधारण करने में समस्या पैदा हो सकती है और इसलिए एग फ्रीजिंग एक वरदान साबित होता है। आज कल इस तकनीक का सहारा लिया जाता है, ताकि 30 या 40 की उम्र में भी महिलाएं गर्भधारण करके मां बन सकती हैं।
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क्या होती है एग फ्रीजिंग
एग फ्रीजिंग एक प्रक्रिया है जिसमें महिलाओं के ओवरी में स्थित अंडों को बाहर निकाल कर फ्रीज कर दिया जाता है। ताकि बाद में उसकी मदद से गर्भधारण किया जा सके। ओवरी के अंदर छोटे-छोटे अविकसित एग होते हैं, उन्हें इंजेक्शन देकर विकसित किया जाता है। एग फ्रीजिंग के तहत 12 से 13 इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जब एग पूरी तरह से एक विकसित हो जाता है तो सर्जरी के जरिए उसे बाहर निकाला जाता है और उसे फ्रीज करके रख दिया जाता है।
एग फ्रीजिंग में कितना खर्च आता है
भारत में एग फ्रीजिंग के लिए देश के सभी हिस्सों में फ्रीजिंग बैंक उपलब्ध है और कई ऐसे अस्पताल है जहां एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया करके बैंकों तक एग फ्रीज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। भारत में आमतौर पर एग फ्रीज करने की लागत 80 हजार से सवा लाख रुपए तक आती है और उसके बाद इसे संरक्षित रखने के लिए करीब 10 हजार रुपए प्रति महीने खर्च आता है। इस लिहाज से यह प्रक्रिया महंगी है, लेकिन भविष्य में गर्भधारण करने की सुविधा आपको उपलब्ध कराती है।






