Navtejashwini Exhibition Yavatmal (सोर्सः सोशल मीडिया)
Navtejashwini Exhibition Yavatmal: राज्य शासन केविभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय यवतमाल महोत्सव में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) द्वारा ‘नवतेजस्विनी प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में जिले के 76 महिला स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया है। यहां घरेलू उपयोग की वस्तुएं, दालें, बांस से बने उत्पाद, मिट्टी के बर्तन, विभिन्न अनाज, सजावटी सामग्री और खाद्य पदार्थ बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
महिला आर्थिक विकास महामंडल और जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद करें और उन्हें प्रोत्साहन दें। इसके साथ ही, खाने-पीने के शौकीनों के लिए ‘खाद्य जत्रा’ का भी आयोजन किया गया है। इस खाद्य जत्रा में पारंपरिक मराठी खानपान के विविध स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों और खवैयों से इस जत्रा में शामिल होकर व्यंजनों का आनंद लेने का आह्वान किया है।
महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (उमेद) के माध्यम से इस वर्ष यवतमाल महोत्सव में ‘समृद्धि मिनी सरस प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में महिला स्वयं सहायता समूह, उत्पादक समूह, किसान उत्पादक कंपनियां, तथा एसवीईपी और आरसेटी के अंतर्गत तैयार उद्यमियों के कुल 120 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉल्स का जिलाधिकारी विकास मीणा ने दौरा कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुछ घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदीं और खाद्य पदार्थों का स्वाद भी लिया।
उमेद की यह ‘समृद्धि मिनी सरस प्रदर्शनी’ इस वर्ष अधिक व्यापक, भव्य और समन्वित रूप में आयोजित की गई है। अभियान के प्रभावी मार्गदर्शन में तैयार हुए विभिन्न उद्यमियों को एक ही मंच पर लाया गया है। पिछले वर्ष इसी प्रदर्शनी में महिला समूहों ने करीब 54 लाख रुपये का कारोबार किया था। इस वर्ष इससे अधिक बिक्री और नई बाजार संभावनाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर महिलाओं ने विश्वास जताया है।
जिलाधिकारी विकास मीना ने कहा कि उमेद के माध्यम से महिलाओं को ‘बचत समूह से उद्यमी’ और ‘गांव से वैश्विक बाजार’ तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा। उन्होंने यवतमाल के नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रदर्शनी में आकर खरीदारी करें और महिलाओं का उत्साह बढ़ाएं।
यवतमाल महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सास्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार अभिजीत और अमू जाधव द्वारा प्रस्तुत शिवशमी गर्जना’ गीतगायन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संतों, महापुरुषों और राष्ट्रनायकों के जयघोष गूंजे, लेकिन दर्शको की कमी साफ नजर आई। स्थिति ऐसी रही कि कार्यक्रम में लगी कुर्सियां अधिकतर खाली दिखाई दी, जिसे लेकर शहर और जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी विकास मीना के हाथों किया गया, यह आयोजन वाधापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र मैदान में हुआ, जहां इन दिनों कृषि महोत्सव भी चल रहा है। चर्चा यह भी है कि किसानों के हित में आयोजित किए जाने वाले इस कृषि महोत्सव में अपेक्षित भागीदारी नहीं दिखी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में किसानों के लिए उपयोगी सामग्री का अभाव रहा, जिसके चलते किसानों ने भी दूरी बनाए रखी।