वर्धा-नांदेड़ रेल प्रोजेक्ट: पुल अधूरे, काम बाकी; बजट की उठी मांग, क्या 2027 तक पूरा होगा रेलवे बोर्ड का वादा?
Wardha Nanded Railway Line: वर्धा-नांदेड़ रेलवे मार्ग की किस्मत अब केंद्रीय बजट के हाथ में। निधि की कमी से काम धीमा, यवतमाल तक पहुँचने का इंतज़ार। जानें क्या है प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति।
- Written By: प्रिया जैस
रेलवे प्रोजेक्ट के लिए बजट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Yavatmal Railway Station: कुल 284 किलोमीटर लंबी वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेलवे लाइन का काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। यह रेलवे लाइन तो कलम्ब तक पहुँच गई है, लेकिन यवतमाल तक पहुंचने में अभी काफी समय लगने वाला है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण निधि की कमी बताई जा रही है।
इसलिए, केंद्रीय बजट में इस रेलवे मार्ग के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाएगी या नहीं, इस पर जिले की नजर है। इस मार्ग का काम 2008-09 में शुरू हुआ था। पहले चरण में वर्धा से कलंब तक 40 किलोमीटर का काम पूरा किया गया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा भी किया गया। लेकिन दूसरे चरण में 38 किलोमीटर का काम अभी बाकी है।
सिर्फ 1400 मीटर हुआ काम
रेलवे बोर्ड के अनुसार यह काम 2027 तक पूरा हो जाएगा। हालांकि, काम की गति बहुत ही धीमी है। कलंब से यवतमाल के बीच कुछ जगहों पर अभी भी खुदाई और ट्रैक पर मिट्टी भरने का काम चल रहा है। वहीं, कुछ जगहों पर पुलों का निर्माण कार्य जारी है। कार्ली से बेलोना के बीच 2900 मीटर लंबा पुल बनना है, जिसमें अब तक केवल 1400 मीटर का काम हुआ है।
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दो साल से चल रहा काम
यवतमाल में भोयर बाईपास पर रेलवे स्टेशन का काम भी शुरुआती चरण में है। यहां पर दो साल से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। नागरिक उम्मीद करते हैं कि नियत समय में यह रेलवे मार्ग बनकर पूरी तरह शुरू हो जाएगा, लेकिन इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों से फंड की आवश्यकता है। अब केंद्रीय बजट पेश होने वाला है, जिसमें वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेलवे के लिए पर्याप्त राशि आवंटित करने की मांग की जा रही है।
