रंगे हाथ पकड़े गए, फिर भी कार्रवाई नहीं! यवतमाल शासन की फाइलों में फंसे 348 केस, जानें विभागों का हाल

Anti Corruption Bureau Maharashtra: महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार पर भारी पड़ रही सरकारी सुस्ती। रिश्वत लेते पकड़े गए 348 अफसरों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी अटकी। पुलिस विभाग में सबसे ज्यादा मामले लंबित।
348 bribery cases in Maharashtra pending for prosecution sanction. Police and Revenue departments top the list. ACB's fight against corruption hits a wall.
यवतमाल न्यूज
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Corruption in Police Dept: राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जाल बिछाकर कई रिश्वतखोरी के मामलों का खुलासा किया गया है। इनमें से 348 मामले अभियोजन पूर्व मंजूरी और पुनरीक्षण के अभाव में शासन स्तर पर लंबित पड़े हैं। इससे रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है। राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एसीबी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जाल कार्रवाई तेज की है।

इसके बावजूद, बड़ी संख्या में मामले अभी भी प्रारंभिक प्रक्रियाओं में ही अटके हुए हैं। जानकारी के अनुसार, जाल बिछाकर दर्ज किए गए कुल 348 रिश्वतखोरी के मामलों में अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। ये सभी मामले अभियोजन पूर्व मंजूरी तथा पुनरीक्षण के लिए शासन अथवा सक्षम प्राधिकरण के पास लंबित हैं।

रिश्वतखोरों पर नहीं हुई कार्रवाई

इस कारण भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई आगे बढ़ने में देरी हो रही है और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। एसीबी द्वारा दोषी अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़े जाने के बावजूद, अभियोजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी समय पर नहीं मिलने से कई मामले वर्षों तक लंबित बने रहते हैं। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम की धार कुंद पड़ने की भावना आम नागरिकों में बढ़ रही है।

शासन स्तर पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की घोषणाएं लगातार की जा रही हैं, लेकिन लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए अभियोजन मंजूरी की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने की आवश्यकता विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की जा रही है। अन्यथा जाल कार्रवाई बढ़ने के बावजूद क्या रिश्वतखोरी पर अपेक्षित अंकुश लग पाएगा, यह सवाल खड़ा हो रहा है।

विभागवार लंबित मामले

पुलिस विभाग : 76 राजस्व विभाग : 30 ग्राम विकास : 52 नगर विकास :42 शिक्षा विभाग : 23

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