Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

विवादमुक्त समितियां नाम मात्र की, यवतमाल के ग्रामीणों में बढ़ती नाराज़गी

Vivadmukt Committees Yavatmal: यवतमाल के ग्रामीण क्षेत्रों में विवादमुक्त समितियाँ कागज़ों पर सीमित है। कार्य बंद होने से ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ी। अभियान के पुनर्जीवन की मांग तेज हो गई है।

  • By आंचल लोखंडे
Updated On: Nov 29, 2025 | 06:14 PM

विवादमुक्त समितियां नाम मात्र की (सौजन्यः सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Yavatmal News: ग्रामीण स्तर पर विवादों को सुलझाने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए शुरू की गई विवादमुक्त समितियां अब केवल नाम के फलक तक सीमित होकर रह गई हैं। वर्ष 2000 में राज्य सरकार ने महात्मा गांधी विवादमुक्त ग्राम अभियान की शुरुआत की थी, जिसके तहत गांवों में छोटे-मोटे विवादों का सामंजस्यपूर्ण निपटारा कर पुलिस व न्यायालय के झमेले कम करने का उद्देश्य था।

लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। तालुके के अधिकांश गांवों में समितियों का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है। कई जगह अध्यक्ष और सदस्यों के नाम बोर्ड पर दर्ज हैं, मगर समिति वास्तव में कब और कहाँ बैठती है, इस बारे में किसी को जानकारी नहीं है। इसी कारण ग्रामीणों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है।

ज़िम्मेदारियाम निर्धारित

विवादमुक्त समितियों के माध्यम से गांवों में विवादों का तुरंत समाधान, पारस्परिक समझौते और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने जैसी ज़िम्मेदारियाम निर्धारित की गई थीं। एक समय ऐसा भी था जब कई गाँव इस अभियान में उत्कृष्ट कार्य करते हुए राज्यस्तरीय पुरस्कार भी जीत चुके थे। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह व्यवस्था पूरी तरह उपेक्षित हो गई है और विवादमुक्त गाँवों की संख्या लगातार घटती चली गई है।

नीतियों में बदलाव, पदाधिकारियों की उदासीनता तथा प्रशासनिक स्तर पर निगरानी के अभाव के कारण अधिकांश समितियाँ केवल कागज़ों में ही सक्रिय नज़र आती हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति में अन्नसुरक्षा, शिक्षण, पुलिस, महसूल समेत कई विभागों के अधिकारी सदस्य होने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता।

ये भी पढ़े: विकास के लिए केंद्र की योजनाओं पर जोर, निकाय चुनाव में भाजपा को सफल बनाएं : फडणवीस

तंटामुक्त गांव-अब केवल याद भर

ग्रामीणों का आरोप है कि तालुके में केवल चुनिंदा गाँवों में दिखावे के लिए ही समितियाँ चलाई जा रही हैं। भले ही अभिलेखों में समितियाँ सक्रिय दर्शाई जाती हों, मगर गाँववालों को इसका कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा। कभी सामाजिक आंदोलन का स्वरूप लेने वाली यह पहल अब सिर्फ़ नाम मात्र की रह गई है, जिसके पुनर्जीवन की माँग ग्रामीणों द्वारा लगातार उठाई जा रही है।

Vivadmukt samiti gramin narazgi chandrapur

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 29, 2025 | 06:14 PM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Yavatmal
  • Yavatmal News

सम्बंधित ख़बरें

1

मीरा-भाईंदर में AQI 200 पार, फिर भी नहीं रुक रही पेड़ों की कटाई, लोगों में बढ़ी चिंता

2

त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद चुनाव के लिए EVM तैयार, स्ट्रॉन्ग रूम में उम्मीदवारों की मौजूदगी में सीलिंग

3

गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की गुंजेगी ‘किलकारी’, सिटी में शुरू हुई मुफ्त ऑडियो कॉल सेवा

4

नासिक-पुणे रोड पर मौत का तांडव: बाइक सवार और पैदल यात्री की अलग-अलग हादसों में जान गई

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.