आंदोलनों से जुड़े 77 मामलों में मिलेगी राहत, सरकार का बड़ा फैसला

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने 201 आंदोलनकारी मामलों में से 77 केसों में राहत देने का फैसला किया है। महिलाओं व गंभीर अपराधों से जुड़े 47 मामलों में राहत नहीं मिलेगी।
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आंदोलनों से जुड़े 77 मामलों में मिलेगी राहत, सरकार का बड़ा फैसला
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Mumbai News: सांस्कृतिक कार्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालक मंत्री एड. आशीष शेलार ने सोमवार को कहा कि राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों से संबंधित 201 मामलों में से 77 मामलों में राहत देने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में सरकार द्वारा नियुक्त मंत्रिमंडल उप-समिति की बैठक सोमवार को सह्याद्री अतिथि गृह में हुई। मंत्री एड. शेलार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधि एवं न्याय विभाग के प्रधान सचिव उदय शुक्ला, अभियोजन निदेशालय के निदेशक अशोक भिलारे, गृह विभाग के उप सचिव चेतन निकम और राज्य के विभिन्न वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री शेलार ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध, गंभीर मामले, व्यक्तिगत और दीवानी मामले सरकार की नीति के तहत माफ नहीं किए जा सकते। इसलिए, ऐसे मामलों में छूट देने अथवा मामले वापस लेने से सरकार ने स्पष्ट इनकार कर दिया है। इसी तरह विधायकों, पूर्व विधायकों, सांसदों और पूर्व सांसदों से संबंधित छह मामलों के संबंध में भी सरकार के निर्णय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, अंतिम निर्णय मुंबई उच्च न्यायालय में लिया जाएगा। इस दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पुलिस उपायुक्त की अध्यक्षता वाली क्षेत्रीय समिति लेगी निर्णय

मंत्री शेलार ने कहा कि इस कैबिनेट उप-समिति को मिले 201 आवेदनों में से 77 आवेदनों पर पुनर्विचार की सिफारिश की गई है और इन मामलों को पुलिस उपायुक्त की अध्यक्षता में नियुक्त क्षेत्रीय समिति के समक्ष रखा जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, प्रदर्शनकारियों और वैचारिक आंदोलनों में भाग लेने वालों के खिलाफ बिना किसी कारण के मामले दर्ज किए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे अनावश्यक मामलों से उन्हें मुक्त करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव, नवरात्रि, दही हांडी, कोरोना काल के सामाजिक कार्यक्रम और मजदूर आंदोलन जैसी विभिन्न पृष्ठभूमियों पर दर्ज मामलों पर नए आवेदनों के आधार पर पुनर्विचार किया जा सकता है। इस संबंध में जल्द ही फिर से एक बैठक होगी। मंत्री शेलार ने इससे पहले सभी गणेशोत्सव मंडलों, नवरात्रि मंडलों, सामाजिक संगठनों, संघ प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से सरकार को आवेदन देने की अपील भी की।

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