कोकण रेलवे (सौ. सोशल मीडिया )
Konkan Railway Train Delay: कोंकण रेलवे के अप और डाउन रूट की सभी ट्रेनों का टाइमटेबल इस समय पूरी तरह से बिगड़ गया है। प्रीमियम ट्रेनें भी 5 से 7 की देरी से चल रही हैं। ऐन त्योहारों के समय में ट्रेनों का टाइमटेबल ध्वस्त होने से यात्रियों में काफी नाराज़गी है।
ट्रेनों की लेटलतीफी से बच्चों, महिला एवं वरिष्ठ यात्रियों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। कोंकण रेल प्रशासन पर शिवसेना के MP नरेश म्हस्के ने गहरी नाराज़गी जताते हुए रेलमंत्री और कोंकण रेलवे के चेयरमैन को पत्र लिखकर इस समस्या को दूर करने की मांग की है।
होली के मौके पर प्रीमियम ट्रेन सहित अन्य ट्रेनों का टाइमटेबल बिगड़ा हुआ है। एमपी नरेश म्हस्के ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और कोंकण रेलवे के चेयरमैन को भेजे लेटर में कहा कि कोंकण रेलवे रूट पर चलने वाली ज़्यादातर बड़ी ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं। यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि रोज़ की समस्या बन गई है।
1 मार्च का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सुपरफास्ट तेजस एक्सप्रेस 22119, जिसे प्रीमियम माना जाता है, करीब सात घंटे लेट चल रही थी। टिकट में खाना शामिल होने के बावजूद, यात्रियों को खाना नहीं मिला है। उन्होंने लेटर में बताया है कि जब तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेन का यह हाल है, तो यह सोचना मुश्किल है कि दूसरी एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की हालत कितनी खराब होगी।
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नरेश म्हस्के ने SMS नोटिफिकेशन सिस्टम पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ट्रेन की देरी के बारे में SMS नोटिफिकेशन सिस्टम पूरी तरह से भरोसे लायक नहीं है। उन्होंने बताया है कि कई यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर घंटों इंतज़ार करना पड़ता है क्योंकि उन्हें समय पर कोई जानकारी नहीं मिलती है।
होली, शिमगा और अब आने वाली अप्रैल,मई की छुट्टियों में लाखों कोंकण निवासी ट्रेन से अपने गांव जाते हैं। यात्रियों का मानना है कि कोंकण रेलवे से यात्रा आरामदायक और सुरक्षित है। इन ट्रेनों में टिकट की भी मारामारी रहती है। ऊपर से ट्रेनों के समय पर न चलने से यात्री और परेशान होते हैं। सांसद म्हस्के ने कहा कि टेक्निकल सुधारों पर ज़ोर देकर यात्रियों को राहत देनी चाहिए।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट