Yavatmal: गणपति विसर्जन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, हजारों कर्मचारी तैनात, डीजे पर रहेगी पाबंदी

Ganesh Visarjan: गणेश विसर्जन के लिए यवतमाल पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए है। विसर्जन के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए हजारों संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
पुलिस बंदोबस्त
पुलिस बंदोबस्त (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal News: यवतमाल जिले में 2500 से अधिक सार्वजनिक मंडलों ने श्री गणेशजी की प्रतिमाएं स्थापित की हैं। 6 और 7 सितंबर को जिले में बड़े पैमाने पर विसर्जन जुलूस निकाले जाएंगे। इस दौरान, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिले में कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दी।

एसपी कुमार चिंता ने बताया कि विसर्जन जुलूस के दौरान सावधानी बरतने के लिए सभी थानेदारों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सार्वजनिक गणेश मंडलों के साथ बैठकें की हैं। जुलूसों का रूट मैप भी तय कर लिया गया है। एसपी चिंता ने अपील की कि जिस तरह गणेश प्रतिमा स्थापना शांतिपूर्वक संपन्न हुई, उसी तरह विसर्जन भी भक्ति, आस्था और शांति के साथ किया जाए।

बैरिकेडिंग की व्यवस्था

जुलूस के दौरान कहीं भी कोई आपत्तिजनक पोस्टर या बैनर पाए जाने पर जुलूस के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों को सूचित किया जाए। "सदररक्षणाय खल निग्रहाय" के अनुसार, पुलिस केवल जनता के लिए तैनात की जाएगी। जिले में जारी बारिश के कारण विसर्जन घाट पर खतरनाक स्थिति बनी हुई है। इसलिए विसर्जन के दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए। पुलिस प्रशासन ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी करेगा। निर्माण विभाग को जुलूस मार्ग के गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं महावितरण को विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

4 चरणों में होगा विसर्जन

इस वर्ष जिले में 2,745 गणेशोत्सव मंडलों ने बप्पा की स्थापना की। इसमें शहर में 628 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,117 मंडल शामिल हैं। एक गांव, एक गणपति की अवधारणा को 551 स्थानों पर लागू किया गया था। अब गणेश विसर्जन विभिन्न चरणों में होगा। गुरुवार, 4 सितंबर को जिले में 108 गणेश मंडलों का विसर्जन किया गया। शुक्रवार, 5 सितंबर को 203 गणेश मंडल, शनिवार, 6 सितंबर को 1015, रविवार, 7 सितंबर को 1016 और सोमवार, 8 सितंबर को 263 गणेश मंडलों का विसर्जन किया जाएगा।

सुरक्षा के लिए बाहर से सहायता

गणेश उत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें एक पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आठ उप-विभागीय पुलिस अधिकारी, 31 पुलिस निरीक्षक, 120 सहायक पुलिस निरीक्षक, पुलिस उप-निरीक्षक, 1,500 कर्मचारी, 1,300 पुरुष और महिला होमगार्ड के जवान, साथ ही एक एसआरपीएफ कंपनी, एक प्लाटून, चार आरसीबी दस्ते, दो क्यूआरटी दस्ते और चार स्ट्रगलिंग बल शामिल हैं।

विसर्जन जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए कर्मचारियों का एक दल भी तैनात किया जाएगा। जिला पुलिस बल के कर्मचारियों के साथ, एक पुलिस मित्र और एसआरपीएफ की एक प्लाटून भी मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा, बाहर से भी अतिरिक्त मदद बुलाई गई है, जैसे दो पुलिस उप अधीक्षक, एक पुलिस निरीक्षक और 10 सहायक पुलिस निरीक्षक शामिल है।

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